इंडिया ही नहीं यूएस और चाइना मे भी हैं रफ़्तार 24 न्यूज़ न्यूज के पाठक

Thursday, 18 April 2013 0 comments


रफ़्तार 24 न्यूज़  । इंटरनेट डेस्क


बीते वर्ष शुरू हुआ हिन्दी न्यूज पोर्टल रफ़्तार24न्यूज़.कॉम   इंडिया के साथ-साथ यूएस, चाइना, रशिआ, सउदी अरब आदि देशों में भी जमकर पढ़ा जा रहा है। हालांकि बीते दो माह में कम समाचार प्रकाशित होने के कारण पाठकों की संख्या में कुछ कमी आयी, लेकिन रफतार 24 न्यूज की टीम एक बार फिर से जुट गयी है।

ताजा सर्वेक्षण के अनुसार रफ़्तार 24 न्यूज़ के पाठकों की संख्या

भारत: 4644
यूएसः 1769
चाइना: 387
रशिआ: 125
जर्मनी: 114
सउदी अरब: 74
अन्य: 186
अपने समाचार व लेख raftar24news@gmail.com  पर ईमेल करें, हमें प्रकाशित करने में बेहद खुशी होगी।

तुम्हारे इस अमल से इस्लाम की तौहीन होती है

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पिछले दो चार सालों से मीडिया में बार ये खबर  आ रही हैं कि पाकिस्तान  में अल्पसंख्यकों के साथ  दौगला व्यवहार किया जा रहा है. अमर उजाला में 15.4.2013 को प्रकाशित फोकस पृष्ठ पर सुभाष कश्यप, विवेक गोयल, और कमल खत्री जैसे बुद्धीजीवी लोगों ने इस मुद्दे पर महत्वपूरण लेख लिखे हैं. उन्होंने पाकिस्तान से आये लोगों की पीड़ा को महसूस किया, और अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुऐ अपनी कलम चलायी है. विवेक गोयल ने कई लोगों की दास्तानें सुनाईं हैं.
एक पांच साल की बच्ची दिव्या से बातचीत का उल्लेख उन्होंने कुछ इस तरह किया है. यहां क्यों आई हो ? दिव्या कहती है क्योंकि यहां अच्छा है. ये कौनसी जगह है ? दिव्या - इंडिया है. यहां रहकर क्या करोगी ? दिव्या – पढ़ूंगी. वहां क्यों नहीं पढ़ती ? दिव्या – वहां पर स्कूल में कलमा पढ़ाया जाता है. कलमा पढ़ने से क्या होता है ? दिव्या – कलमा पढ़ूंगी तो मुसलमान हो जाऊंगी। एक पांचवर्षीय बच्ची के इस तरह से बात करने से साफ जाहिर हो रहा है कि उनकी घरेलू शिक्षा ने उनकी मानसिकता को गुलाम बना दिया है।
जाहिर ये बातें पांच वर्षीय दिव्या को किसी स्कूली टीचर ने तो सिखाई ही नहीं होंगी दरअस्ल इस तरह की बातें उसे घर पर सिखाई गईं। और अब इन्हीं बातों से मीडिया को इमोशनली बलैक मेल किया जा रहा है। जिस देश के ये नागरिक हैं वह एसा देश है जहां पर अल्पसंख्यक ही नहीं बहुसंख्य भी खतरे में हैं खुद वह देश बारूद के ढ़ेर पर बैठा अपनी तबाही का इंताजार कर रहा है वहां पर इस तरह की घटनाएं हर खास ओ आम के साथ होती हैं।

जिस दिव्या ने स्कूल ना जाने की वजह  कलिमा बताया है उस बच्ची  की मानसिकता को अभी से ही गुलाम बनाने वाले उसके अभिभावक शायद भूल गये  कि जिस तरह पाकिस्तान में स्कूलों में इस्लामी कलमा पढ़ाया जाता है उसी तरह भारत में भी स्कूलों में हिंदू धर्म का कलिमा पढ़ाया जाता है जो इस तरह है ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्। ये मंत्र प्रारथमिक विद्यालयों में हर रोज प्रार्थना के दौरान पढ़ाया जाता है।
लेकिन कभी किसी मुसलमान ने पाकिस्तान सरकार से ये शिकायत नहीं की कि वे स्कूल इसलिये नहीं जाते कि वहां पर हिंदू धर्म का कलिमा पढ़ाया जाता है. राम को लक्ष्मण को , दशरथ को, रामायण को महाभारत को यहां के पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है उसके पढ़ने पर तो किसी ने आपत्ती नहीं जताई. फिर इस तरह का हौवा क्यों खड़ा किया जा रहा है. भारत के अल्पसंख्यकों को जो भी समस्याएं होती हैं उन्हें वे भारत सरकार से कहते हैं ना कि पाकिस्तान की सरकार से फिर पाकिस्तान से आये ये लोग भारत से क्यों गुहार लगा रहे हैं.
पाकिस्तान सरकार से कहें वहां प्रदर्शन करें अपनी आजादी के लिये अपने अधिकारों के लिये. यहां इस तरह की बातें करके यहां की सांप्रदायकि ताकतों को क्यों काद पानी दिया जा रहा है ? अगर उनके साथ में जबरन धर्म परिवर्तन करने जैसी घटनायें हुई हैं तो ये गैर इस्लामी है. इस्लाम का तो अर्थ ही शान्ति है उसमें बलात धर्म परिवर्तन के लिये कोई जगह नहीं है। वह तो यहां तक कह देता है कि धर्म के बारे में कोई जोर जबरदस्ती मत करो उनका धर्म उनके लिये तुम्हारा धर्म तुम्हारे लिये।
इसके बाद भी इस्लाम दोषी. इसके बाद भी तरह तरह के भद्दे आरोप शान्ति के धर्म पर क्यों लगाये जा रहे हैं ? जिस देश के सरकार के सामने आकर ये अपनी समस्याओं का रोना रो रहे हैं उस देश में भी लोगों पर जुल्म होता है. 1947 के दंगों से लेकर आज तक दंगों के जख्म हरे हैं दलितों पर आज भी अत्याचार हो रहे हैं. मगर क्या इन शोषित लोगों ने किसी विदेशी सरकार से ये अपील की कि वह उसका समाधान करे. पाकिस्तान से आये लोग ये क्यों भूल गये कि भारत उनका शत्रू देश है. और उसके गुणगान करना उन्हें गद्दार बना सकता है जैसा यहां पर होता है. अगर कोई मुस्लिम पाकिस्तान का नाम भी अपनी जुबान पर लेआता है तो उसे यहां के तथाकथित देशभक्त गद्दारी के तमगे से नवाज देते हैं।
तो क्या ये अपने देश के गद्दार नहीं हुऐ. और जिस मीडिया का कलेजा इनके लिये फटा जा रहा है, और जो बुद्धीजी इनको भारत की नागरिकता दिलाने के लिये एडीचोटी का जोर लगा रहे हैं उन्होंने पिछले वर्ष उस 80 पाकिस्तानी को भारत की नागरिकता दिलाने के लिये क्यों जुबान नहीं चलाई जिसका पूरा परिवार भारत में है और वह अकेला पाकिस्तान में जो जिंदगी के आखरी पड़ाव में बस यह चाहता था कि वह अपने परिवार के बीच आखरी सांस लेना चाहता है ना कि पाकिस्तान में. उसके लिये इन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई ? क्या केवल इसलिये कि उसका धर्म दूसरा था ?
खैर जो भी हो ........ पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बहुसंख्यक समुदाय असुरक्षा और भय के माहौल में जी रहा है जिसका इलाज पाक सरकार के पास है ना कि भारत के पास। और जो लोग जबरन शादी, बलात धर्म, लूट पाट, हत्या आदी कर रहे हैं वह निंदनीय है और उसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है. लेकिन इस्लाम का नाम लेकर ये लोग उसकी छवी को बट्टा लगा रहे हैं। इससे किसी और की नहीं बल्कि खुद इस्लाम की तौहीन हो रही है. अल्लाम इकबाल ने कहा था कि

खुदा के बंदे तो हैं हजारों वनों में फिरते हैं मारे मारे
मगर मैं उसका बंदा बनुंगा जिसे खुदा के बंदों से प्यार होगा।
लेखक वसीम अकरम त्यागी युवा पत्रकार और एक्टिविस्ट हैं.
source:B4M

सड़क पर पत्थर से लिखा 'रेप हुआ है'

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नई दिल्ली।। आज सुबह साउथ दिल्ली के नानकपुरा गुरुद्वारे के पास फुटओवर ब्रिज के नीचे एक नेपाली युवती बदहवास हालत में पड़ी मिली। जिस्म पर अस्त-व्यस्त और थोड़े कपड़े। कई जगह चोट के निशान। करीब 20 साल की इस युवती को यूं पड़ा देख वहां राहगीरों का मजमा इकठ्ठा हो गया। लोगों ने पूछा तो युवती ने एक ईंट का टुकड़ा उठा कर सड़क पर लिखकर बताया कि उसके साथ 3 लोगों ने रेप किया है।

किसी ने पुलिस को कॉल करके इस सनसनीखेज मामले की सूचना दी। फौरन साउथ दिल्ली के कई सीनियर अफसर समेत लोकल पुलिस पहुंची। युवती ने बताया कि किडनैप करके उसके साथ गैंगरेप किया गया है। तुरंत युवती को अस्पताल ले जाया गया।

खबर लिखे जाने तक युवती पूरी तरह होशो-हवास में नहीं थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस के कई आला अफसरों ने चुप्पी साध रखी थी। एक सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि आज सुबह तकरीबन साढ़े सात बजे पुलिस को कॉल मिली। नेपाली लड़की यहां कोटला मुबारकपुर इलाके में किराए पर रहती है। युवती का आरोप है कि उसे किडनैप करके रात में 3 लड़कों ने गैंगरेप किया है।

लड़की की हालत देखकर आशंका है कि वारदात से पहले उसे बहुत ज्यादा नशीला पदार्थ दिया गया। वह पूरी तरह सुध में नहीं है। वहीं, जिस सुनसान जगह पर लड़की अस्त-व्यस्त हालत में पड़ी थी, वहां से गुजर रहे राहगीरों ने देखा तो पब्लिक इकठ्ठी हो गई। कुछ चश्मदीदों के मुताबिक जब लोगों ने उसे हिला- डुलाकर पूछा तो कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। नेपाली लड़की ने एक ईंट का टुकड़ा उठाकर सड़क पर लिखकर बताया कि उसके साथ रेप हुआ है।

पुलिस अफसर के मुताबिक लोकल थाना पुलिस ने कुछ लड़कों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। लड़की को मेडिकल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लड़की के होश में आने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।

source:NBT

विज्ञापनः वशीकरण बाबा की आवश्यकता!

Sunday, 31 March 2013 1 comments




मुझे एक अच्छे काम के लिए बाबा की आवश्यकता है। मैं अपना प्यार वापस पाना चाहता हूं। अगर कोई भी बिना कोई एडवांस पैसा लिए मेरा काम कर सकता है तो कृप्या संपर्क करें।
मैं इस काम के लिए 10000 रूपये देने को तैयार हूं, मगर काम होने से पहले कोई पैसा नहीं दूंगा। अगर आप काम कर सकते हों तो जरूर संपर्क करें।

नोटः विज्ञापन सहायता के लिए मुफ्त  प्रकाशित किया गया है, अगर  कोई सज्जन सहायता कर सकता है तो नीचे दिए कमेंट बाॅक्स में कमेंट करे अथवा  raftar24news@gmail.com पर ईमेल करें।


होली की बहुत बहुत शुभकामनायें ..

Tuesday, 26 March 2013 0 comments

रफ़्तार 2 4 न्यूज़ के सभी पाठकों को होली की बहुत बहुत शुभकामनायें ..


इस होली पानी की बचत करते हुए. केवल गुलाल से होली मनाएं ....बहुत बहुत शुभ, सुरक्षित और धमाल वाली होली की शुभकामनायें .....एडिटर 

अब खुलेगी गुरुघंटाल बाबाओं की पोल!

Monday, 25 March 2013 0 comments



रफ़्तार  24 न्यूज। इंटरनेट डेस्क


जादू टोना, वशीकरण, काला जादू के नाम पर आए दिन लाखों रूपयों की ठगी का वारदातें सामने आती रहती हैं। भोले.भाले लोग इन गुरूघंटाल बाबाओं के झांसे में आ जाते हैं। काला जादू सम्भव है या नहीं इसे लेकर तो एक लंबी बहस जारी है। एक ओर साइंस में भी वशीकरण या हिप्नोटिशम मौजूद है। परन्तु गली.मुहल्लों में खुली बाबाओं की दुकानों पर बैठे महाशय कितने ज्ञानी है इसका तो आए दिन खुलासा होता ही रहता है। सबसे दुखद बात यह है कि ठगी के शिकार पीडि़त बदनामी के डर से शिकायत भी नहीं करते।
याद रखिए! आपकी शिकायत से भले ही आपका पैसा वापस न मिले। परन्तु आप जैसे  तमाम मासूम लोग इस गोरखधंधे से गुमराह होने से बच सकते हैं।
हम बनेंगे आपकी आवाज... अपनी शिकायतें हमें इमेल करें आपका नाम, पता आदि बिल्कुल गोपनीय रखा जाएगा। अगर आप चाहते हैं सबसे सामने आना अपनी असली पहचान के साथ तो भी हम आपके साथ हैं, बस ईमेल के अंत में लिख दें कि आपकी पहचान गोपनीय न रखी जाए।
हम हर शिकायत को निष्पक्ष प्रकाशित करेंगे, जिससे अन्य लोग फंसने से बस सकें। साथ ही अगर कोई झूठी शिकायत हम तक पहुंचती है तो आरोपी भी पूर्ण स्वतंत्र हैं, वे भी हमें ईमेल करें हम उन्हें भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित करेंगे। इस मुहिम में हमारी कोशिश सिर्फ और सिर्फ सच सामने लाने की होगी। आपसे वादा है किसी भी प्रकार से किसी बाबा आदि का विज्ञापन, खबर हम पैसे के लालच में कतई प्रकाशित नहीं करेंगे। सिर्फ और सिर्फ सच सामने लाना हमारा मकसद होगा।


हमारी ईमेल आईडी है- raftar24news@gmail.com  and editor@raftaar24news.com

डीजे बजाने पर उलेमाओं ने किया बरात का बहिष्कार

Monday, 25 February 2013 0 comments


मुरादाबाद । रफ़्तार 24 न्यूज़ 

 पाबंदी के बावजूद शादी में डीजे बजाना बिलारी के सैफी परिवार को भारी पड़ गया। शहर इमाम समेत तमाम उलेमा पहुंचे और ऐलान किया कि मुहल्ले का कोई भी शख्स न तो इस बरात में जाएगा और ना ही दावते वलीमा में शामिल होगा।
मामला बिलारी के रहमतनगर क्षेत्र का है। सैफी बिरादरी के युवक की बरात जानी थी। आरोप है कि शादी के मौके पर परिवार में डीजे बजाया गया। शिकायत मिलने पर उलेमा भड़क गए। गौरतलब है कि उलेमाओं ने इसके पहले बरात में डीजे नहीं बजाने का फैसला सुनाया था। उलेमा की पूछताछ पर पहले तो आरोपी मुकर गया लेकिन बाद में उसने गलती मान ली। शहर इमाम मौलाना सदाकत हुसैन, कारी रईस अशरफ व तंजीमुल आइम्मा के सदस्यों ने कहा कि मुहल्ले का कोई आदमी इस बरात में नहीं जाएगा और न ही दावते वलीमा में शिरकत करेगा। उलेमा के इस फैसले से आसपास भी सनसनी मची हुई है और मान मनौव्वल की कोशिशें भी हो रही हैं।

रफ़्तार 24 न्यूज़