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10 सीक्रेट्स जो मैरिड लाइफ के आनंद को बढ़ा देंगे 100 गुना!

Friday, 12 July 2013 0 comments

हाल ही में एक सेक्स सर्वेक्षण में सामने आया है कि महिलाएं अपने साथी के लिए प्यार की फीलिंग को महत्व देती हैं, जबकि पुरुषों को अपने साथी को सेक्सी कपड़ों में देखना ज्यादा पसंद आता है।

महिलाओं में प्रेम की भावना अधिक होती है। वे अपने साथी को आकर्षित करने और उनका प्यार पाने के लिए हमेशा प्रयास करती हैं।

हाल ही में एक सर्वे में विवाहित जोड़ों के सेक्स सीक्रेट्स को लेकर हुए एक सर्वे से सामने आया है कि 68 फीसदी पुरुष अपने साथी के साथ सबसे अच्छे सेक्शुअल रिलेशन में जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। वहीं, इसमें महिलाओं की संख्या केवल 45 फीसदी ही है। 

 जानिए संबंध बनाते समय किन 10 बातों का ध्यान रखें विवाहित जोड़ें...

हालांकि, 42 प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि उनके पति ने कभी उन्हे ऑनलाइन अश्लील मूवी देखने के लिए नहीं कहा है। केवल 21 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि उन्होंने ऐसा किया हैं। डीकिन विश्वविद्यालय से रॉबर्ट कमिंस द्वारा 79 प्रतिशत पुरुषों का कहना है कि वे पत्नियों के साथ अपनी सेक्स लाइफ से काफी खुश हैं। वहीं, महिलाओं में केवल 61 प्रतिशत ही पति के साथ सेक्स लाइफ से खुश हैं।

बच्चे शादीशुदा लाइफ के लिए एक वरदान होते हैं, लेकिन वे आपकी सेक्स लाइफ में कभी-कभी बोरियत भी पैदा कर देते हैं। 52 प्रतिशत महिलाओं और 49 प्रतिशत पुरुषों का मानना हैं कि बच्चे होने से पहले उनकी सेक्स लाइफ ज्यादा बेहतर थी।

42 प्रतिशत पुरुषों का कहना था कि उनकी इच्छा रहती है कि सेक्स का आरंभ उनके साथी द्वारा किया जाए, जबकि 41 प्रतिशत पुरुष ओरल सेक्स और 30 प्रतिशत एनल सेक्स की इच्छा रखते हैं।



सर्वे के अनुसार 35 प्रतिशत महिलाएं सेक्स की शुरुआत फोर प्ले से करना पसंद करती हैं। वहीं, 32 प्रतिशत महिलाएं को अपने पति के साथ प्यार भरी बातें करते हुए सेक्स की शुरुआत करना पसंद होता है और 28 प्रतिशत महिलाएं पति द्वारा शुरुआत करना व 22 प्रतिशत महिलाएं ओरल सेक्स से सेक्स का आरंभ करना पसंद करती हैं।  


28 प्रतिशत पुरुष 13 प्रतिशत महिलाओं ने अपने जीवन साथी को धोखा देने की बात को स्वीकार की है। एक ही समय में फोन पर अपने साथी को धोखा देने में 34 प्रतिशत पुरुष पकड़े गए, वहीं पुरुषों की तुलना में 20 प्रतिशत महिलाएं अपने पति के साथ धोखा करते हुए पकड़ी गई हैं

61 प्रतिशत महिलाओं का और 80 प्रतिशत पुरुषों का कहना है कि वे अपने साथी के साथ अपनी सेक्स लाइफ से संतुष्ट हैं।


कोकीन से भी ज्‍यादा नशा होता है सच्‍चे प्‍यार में

Sunday, 28 April 2013 1 comments




अगर आपने सच्‍चा प्‍यार किया है तो तड़प भी महसूस करते होंगे। क्‍योंकि प्‍यार करने के लिए केवल दिल जिम्‍मेदार नहीं बल्कि दिमाग भी जिम्‍मेदार है।
शोध के अनुसार किसी से प्यार होने में मुख्य भूमिका दिमाग की होती है न कि दिल की। 
यह अध्ययन स्टेट विश्वविद्यालय के लिए शोधकर्ताओं ने किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि समान्य भाषा में समझा जाए तो एक प्रेमी या प्रेमिका को अपने पार्टनर के लिए वैसी ही तड़प महसूस होती है जैसी मादक पदार्थ कोकीन का नशा करने वालों को कोकीन के लिए होती है। 

शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके लिए दिमाग जिम्मेदार होता है न कि दिल। इसलिए जब आपको किसी से प्यार होता है तो वह दिमाग के कारण होता है और प्‍यार को पाने के लिए जो तड़प आप महसूस करते हैं उसके लिए दिमाग ही उकसाता है।

रिश्तेदार को सेक्स करने से रोकेगा एप

Friday, 19 April 2013 0 comments


 


लंदन। किसी हैंडसम जैंटलमैन से बार में मिलना और फिर उसे घर ले आना किसी भी घनी आबादी वाले देश में आम बात हो सकती है, लेकिन मात्र 320000 की आबादी वाले देश आइसलैंड में यह बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। इस कम आबादी वाले देश में ज्यादातर लोग एक दूसरे के रिश्तेदार हैं और हैरत की बात यह है कि अधिकतर लोग इस बात से अनजान रहते हैं। 

इस सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले इन तीनों डिजाइनर्स के लिए भी यह खतरा था कि कहीं वे अनजाने में किसी रिश्तेदार से शरीरिक संबंध न बना लें। इससे बचने के लिए डिजाइनर्स ने यह स्मार्टफोन एप तैयार किया है। यह एप इस तरह की नजदीकियों से लोगों को बचाता है और उन्हें एक दूसरे से रिश्ते की जानकारी देता है। 

अर्नर फ्रेयर ऑलस्टेंसन, हेकन प्रेस्तर जॉर्नसन और एलेक्जेंडर एनास हेलगेसन ने सैड इंजिनीयर स्टूडियो में इस एप को तैयार किया है। यह एप दो फोन के एक दूसरे से टकराने पर अलार्म बजाता है। तीनों डिजाइनर्स ने बताया कि इस एप का मकसद है "बम्प इन द एप बिफोर यू बम्प इन द बैड"


डिजाइनर्स ने बताया, "हमने इसमें रिश्तेदारों का जन्मदिन याद रखने के लिए बर्थडे कैलेंडर भी डाला है। यह एप बर्थडे एंट्री के दिन रिमाइंडर भी देता है। इसके अलावा इसमें बम्प नाम का फीचर है जिसके तहत यूजर्स एक दूसरे से अपना फोन टकरा कर यह जान सकते हैं कि उनमें रिश्ता क्या है। 


इन्सेस्ट प्रिवेंशन नाम का फन फीचर यूजर को टैक्स्ट मैसेज और अलार्म के साथ चेतावनी देगा कि वह जिसके करीब जा रहा है वह उसका रिश्तेदार है। गूगल के प्ले स्टोर पर इस एप के लिए एक रिव्यू में लिखा है, "अगर यह एप पहले आया होता तो मैं अनजाने में अपनी ही कजिन के करीब न आता।" 

तेरी मेरी दोस्ती प्यार में बदल गई...

Friday, 26 October 2012 0 comments


दोस्ती एक बहुत ही मजबूत और अटूट रिश्ता होता है और जब यह प्यार में बदलने लगता है, तो अपने दिल का हाल बता पाना काफी मुशकिल होता है। कई लोग इस बंधन को जल्दी हजम नहीं कर पाते हैं और बीच में ही अपनी पक्की दोस्ती को तोड बैठते हैं, लेकिन ऎसे लोग जिनकी दोस्ती प्यार में बदल चुकी है, उनका रिलेशन काफी मजबूत होता है। आइये जानते हैं कि इस प्यार के एहसास को किस तरह से ठीक से समझा जाए। 
उसके पास होने पर आपको अच्छा लगने लगता है
जब भी वह आपके आस-पास मौजूद होता है तब आपको उसके अलावा और कोई नहीं दिखाई देता और आप उसकी बातों में खो जाते हैं। साथ ही अगर आपका दोस्त कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर गया हो, तो आपको बेचैनी होती है, और आप उसके वापस लौटने का इंतजार करते हैं। 
हर बात पर उसकी सलाह जरूरी है 
अब आप अपनी हेयर और ड्रेसिंग स्टाइल बदलने के लिए भी अपने उस दोस्त से मशविरा लेते हैं। चाहे वह कितनी ही छोटी बात क्यों ना हो, आप उसकी सलाह लेना कभी नहीं भूलेगे। उसकी हर बात, हर सलाह आपको अच्छी लगने लगती है।
दिन-रात उसकी याद में खोए रहते हैं
अगर आपकी दोस्ती प्यार में बदल रही है, तो आपको नींद नहीं आएगी, आंखें बंद करते ही वो सामने आ जाएगा। पूरी रात करवटें बदल कर ही बीतने लगती हैं। चार लोगो के बीच में बैठ कर भी आप केवल उसी के बारे में सोंचते रहेंगे। उसके ख्याल में आप सब कुछ भूल जाएंगे। आधी रात को भी अगर आपका फोन बजे तो आपको लगता है कि उसी का फोन है। 
उसकी हर बातें अच्छी लगने लगती है
उसकी हर बेवकूफी, और गलती अब आपको अच्छी लगती है। उसके घिसे-पिटे जोक्स पर भी आपको बहुत हंसी आती है। बेतुकी, बचकानी बातें भी अच्छी लगने लगती हैं, और उन पर भी प्यार आने लगता है।
वो हमेशा साथ में रहे 
अब आपको सिर्फ उसका साथ ही अच्छा लगता है। बस इस बात का इंतजार रहता है, कि किसी भी तरह से उस से मिलना हो जाए। जब वो साथ होता है, तो जिंदगी हसीन सी लगने लगती है। जिंदगी की हर बात उससे जुडी-सी लगती है।
आप उसकी लाइफस्टाइल अपनाने लगते हैं
उसे क्या करना अच्छा लगता है, वह क्या खाता है, वह क्या पीता है उसे कौनसा कलर पसंद है आदि, बातों में आपका इंट्रेस्ट बढने लगता है। अब आपको अपनी पसंद का खाना नहीं, बल्कि उसकी पंसद का खाना अच्छा लगता। आप काफी कुछ उसकी लाइफस्टाइल को अपनाने लगते हैं तथा इस बात का ख्याल रखते हैं कि आप दोनों की पसंद मिले।
Source:aapkisaheli

महिलाओं को चरम पर पहुंचाएगी यह सुई

Wednesday, 24 October 2012 0 comments

लंदन।। महिलाओं के चरम को लेकर सालों से तमाम तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं और स्टडीज़ होती रही हैं। कुछ लोगों का तो यहां तक मानना है कि जी स्पॉट जैसी कोई चीज होती ही नहीं है। लेकिन, कुछ लोगों ने इस पर काम किया और इसमें एक नई सफलता अर्जित की है। अब देखना यह है कि महिलाओं की सेक्शुअलटी को लेकर किया गया यह 'चमत्कार' भारत में कब तक लॉन्च होता है और यहां इसे लेकर क्या प्रतिक्रिया रहती है।


दरअसल, महिलाओं की सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने वाली एक ऐसी सुई बाजार में लाई गई है जिसे लगा दिया जाए तो महिलाएं बेहतर सेक्शुअल एक्सपीरियंस कर पाएंगी। यह इंजेक्शन एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जो महिलाओं के जी-स्पॉट में लगाया जाएगा। इस इंजेक्शन से जी-स्पॉट का साइज अस्थायी रूप से बढ़ जाता है। इस इंजेक्शन को लगाने का पूरा प्रोसीजर केवल आधे घंटे में निपट जाता है और इसे लोकल अनेस्थिसिया देकर लगाया जाता हैं।

लॉस एंजिलिस में यह आते ही हिट हो गया है, जहां अब तक महिलाएं वजाइनल रिजुवेनेशन इंस्टिट्यूट ऑफ अमेरिका के चक्कर लगाया करती थीं। इस क्लिनिक में गाइनिकॉलजिस्ट और सर्जन डॉक्टर डेविड मैटलॉक हर महीने ऐसे सेशंस लेते हैं जहां जी-शॉट से प्रभावित होकर महिलाएं इसका प्रोसीजर जानने और समझने आती हैं।

इसके लॉन्च होने के पांच सालों के अंदर ही दो हजार से भी ज्यादा महिलाएं उनके क्लिनिक में इस प्रोसीजर को आजमा चुकी हैं। महिलाओं के बीच इसकी बढ़ती पॉप्युलैरिटी के चलते यह तेजी से और जगहों पर भी उपलब्ध कराया जाने लगा है। हाल ही में इसे यूके में भी लॉन्च किया गया है।Source:navbharattimes

सेक्स के लिए झूठ बोलती है गर्लफ्रेंड !

Wednesday, 17 October 2012 0 comments

अपने साथी के लिए ईमानदार बने रहना बेहद मुश्किल है। अब तक महिलाओं को इस मामले में समझदार माना जाता था। लेकिन बात अगर लेटेस्ट ट्रेंड की करें, तो अब महिलाएं कैजुअल सेक्स के लिए भरोसे को बट्टा लगा रही हैं। पिछले दिनों दिल्ली में जितने भी अपराध हुए हैं, उनमें से अधिकतर में सेक्स और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का कॉकटेल नजर आता है। और खास बात यह कि इस मामले में अब महिलाएं भी फेथफुल नहीं रह गई हैं।


बेशक, पुरूष तो पहले से ही इधर-उधर "मुंह मारने" के लिए बदनाम थे, लेकिन अब महिलाओं ने भी उन्हीं की राह चलना शुरू कर दिया है। अब उन्होंने सेक्स की खातिर भरोसे को दांव पर लगाना शुरू कर दिया है। हालांकि तमाम बेचारे पुरूष अभी भी यही खुशफहमी पाले बैठे हैं कि महिलाएं कम से कम सेक्स की खातिर तो उन्हें चीट करने का कदम नहीं उठाएंगी, जबकि महिलाएं उनकी सोच से काफी आगे बढी चुकी हैं। बेशक, अगर आप भी अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर ऎसी कोई गलतफहमी पाले बैठे हैं, तो आपको जाग जाने की जरूरत है। वैसे, यह मामला इंटरनैशनल है।

हाल ही में हॉलीवुड स्टार çRस्टन स्टीवर्ट को डायरेक्टर रूपर्ट सैंडर्स के लिए अपने बॉयफ्रेंड रॉबर्ट पैटिसन को चीट करने की वजह से काफी आलोचना का शिकार होना पडा था। गौरतलब है कि रॉबर्ट और क्रिस्टन की जोडी को परफेक्ट यंग सिलेब्रिटी कपल के तौर पर जाना जाता था। यहां तक कि क्रिस्टन को रॉबर्ट के गिफ्ट किए गए टैडीज के बिना नींद नहीं आती थी। ऎसे में, उनके फैंस भी यह सोचकर हैरान हैं कि आखिर क्रिस्टन ने यह स्टेप क्यों उठायाक् आजकल मेल और फीमेल के बीच का गैप कम होता जा रहा है। फिर चाहे इसकी वजह दोनों का साथ काम करना हो या फिर कुछ और। यही वजह है कि अब महिलाओं ने भी सेक्स के लिए पुरूषों में इंटरेस्ट लेना शुरू कर दिया है।Source: Dainik Bhaskar

गोरी कुंड़ियों को पसंद आते हैं काले छोरे...

Tuesday, 9 October 2012 0 comments

चौंक गये ना लेकिन हैरान मत होइये क्योंकि सच्चाई यही है कि गोरे बदन वालीं महिलाओं या लड़कियों को काले और सांवले छोरे ही पसंद आते हैं और वो इस रंग वाले व्यक्तियों को ही अपना पति, प्रेमी और दोस्त बनाना पसंद करती हैं। यह हाल केवल लड़कियों का ही नहीं बल्कि लड़को का भी है। गोरे लड़के भी एशियन लड़कियों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।

अरे यह कहना हमारा नहीं बल्कि कार्डिफ विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के रिसर्चरों का कहना है। जिनके शोध के मुताबिक गोरी लड़कियां काले या सांवले लड़को को तो वहीं गोरे लड़के सांवली या गेहूंए रंग वाली लड़की पसंद करते हैं। इस शोध का रिजल्ट ब्रिटिश समाज की याद दिलाता है। क्योंकि वहां कुछ ऐसी ही प्रथा थी।
खैर इस शोध को पढ़कर जरूर वो लोग मुस्कुरायेंगे जो खुद तो काले या सांवले हैं लेकिन गोरी बीवी की चाहत रखते हैं, अब वो दिल खोलकर अपने लिए गोरी बीवी को खोज सकते है क्योंकि उन्हें इंकार करने के चांसेस रंग के कारण अब नगण्य हो चुके हैं। आपको बता दें कि यूनिवर्सिटी वालों ने 18-30 वर्ष के लोगों के ऊपर यह सर्वे किया है। Source: oneindia

'मौक़ा मिला तो फिर वेश्या बनूंगी...'

Monday, 8 October 2012 0 comments


वैश्यावृत्ति
शोधकर्ता और कभी ख़ुद एक सहचरी (एस्कॉर्ट वुमन) के तौर पर काम कर चुकीं डॉक्टर ब्रुक मैगनानटी का कहना है कि वेश्यावृति ने उन्हें सशक्तिकरण प्रदान किया है.
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौक़ा मिला तो वो दोबारा वेश्यावृति में जाना चाहेंगी लेकिन उन्हें लगता है कि जो काम वो करती थीं उसके लिए उनकी उम्र थोड़ी ज़्यादा हो गई है.
डॉक्टर मैगनानटी का कहना है कि जो लोग इस मामले को दूसरी तरह से देखते हैं वो दरअसल इस पूरे काम को समझते ही नहीं हैं.
बीबीसी के विशेष प्रोग्राम हार्डटॉक में काट्या एडलर से बात करते हुए ब्रुक मैगनानटी ने कहा कि औरतों के अधिकार का झंडा बुलंद करने वालों के एक बहुत बड़े तबक़े को इस पूरे कामकाज की समझ ही नहीं है. 
पारलैंगिक और पुरुष भी शामिल
ब्रुक मैगनानटी का कहना है कि ज्यादातर लोगों को इस वैश्यावृत्ति के कामकाज की समझ नहीं है
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को लगता है कि सिर्फ़ महिलाएं ही इस उद्योग का हिस्सा बनाई जाती हैं और वो भी जबरन, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि इस काम में अब ट्रांसजेंडर या पारलैंगिकों से लेकर पुरुष तक शामिल हो रहे हैं.
ब्रुक मैगनानटी ने कहा कि दुनिया भर में पुरूष वेश्यावृति का एक बड़ा बाज़ार है जिनकी सेवाओं की ख़रीदार धनवान महिलाएं हैं.
औरतों के हक़ के पक्ष में लिखने वाली एक महिला के हवाले से पूछे गए एक सवाल के जवाब में मैगनानटी ने कहा, ''पुरूष वेश्याओं का एक समूह इसलिए तैयार करते हैं क्योंकि इससे उनकी महिलाओं पर वर्चस्व की भावना और अहंकार की पूर्ति होती है.''
यौन संबंधों के तजुर्बे
"पुरूष वेश्याओं का एक समूह इसलिए तैयार करते हैं क्योंकि इससे उनकी महिलाओं पर वर्चस्व की भावना और अहंकार की पूर्ति होती है"
ब्रुक मैगनानटी, पूर्व यौनकर्मी
मैगनानटी पहले एक ब्लॉग लिखा करतीं थीं जिसमें वो अपने यौन संबंधो के तजुर्बों के बारे लिखती थीं, जो काफ़ी विवादास्पद रहा था.
साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यूरोप के कई देशों जैसे फ्रांस की संसद के उस प्रस्ताव का जमकर विरोध किया जिसमें एक पारित प्रस्ताव के ज़रिए समाज से वेश्यावृति को पूरी तरह ख़त्म करने की बात कही गई है.
उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह अव्यावहारिक है क्योंकि विश्व इतिहास में कभी भी, कहीं भी ऐसा समाज रहा ही नहीं है जिसमें वेश्यावृति नहीं रही हो.
Source: BBC

खूबसूरती जिसे दुनिया निहारे...

Friday, 5 October 2012 0 comments


बेहतरीन सुंदरता पाने के लिये आपको केवल अपने बॉडी के एक अंग पर ध्यान नहीं बल्कि पूरे बॉडी पार्ट पर ध्यान देने की जरूरत है साथ ही बॉडी की स्किन को अलग से ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आप भी खूबसूरत बॉडी पाना चाहती हैं तो इन नीचे दिये गए टिप्स को जरूर आजमांए और लगाएं अपनी खूबसूरती में चार चाँद- 
अच्छे से बॉडी की सफाई करें 
गर्दन के ऊपर की स्किन काफी फेस की स्किन के ही भांति कोमल और नाजुक होती है। इसके लिये आपको वही क्रीम लगानी चाहिये जो आप अपने चेहरे पर प्रतिदिन लगाती हैं। सप्ताह में एक बार इस जगह को मुलायम स्क्रबर से स्क्रब कीजिये और मॉइराइजर लगाइये। ऎसा कुछ दिन करने से आपकी गर्दन बिल्कुल आपके चेहरे से मेल खाने लगेगी। हाथ आपको देखने वालों में से ज्यादातर लोगो का ध्यान आपके हाथों पर ही जाता है इसलिये आपको अपने हाथों को हमेशा साफ और मॉइराइज रखना होगा। हमेशा हाथों को धोने के बाद मॉइराइजर लगाना ना भूलें। काली हो चुकी कुहनियों पर भी वाइटनिंग क्रीम लगाएं। पेट इस पार्ट को हमेशा साफ और नम रखें। एक गीली रूई की सहायता से आप अपनी नाभि को साफ कर सकती हैं साथ ही एक माइल्ड क्रीम ले कर अपने पेट पर लगाएं जिससे उस पार्ट की नमी बनी रहे। पीठ सप्ताह में एक या दो बाद पीठ पर तेल की मालिश करवाएं। इससे त्वचा में नमी बनी रहेगी और वह दमकने लगेगी इसके अलावा नहाने के बाद भी अपनी पीठ पर मइराइजर लगाना कभी ना भूलें। पैर अगर आप स्कर्ट या केपरी पहनती हैं तो पैरों की सफाई करना बहुत जरूरी है क्योंकि काले घुटने आपकी खूबसूरती पर दाग लगा सकते हैं। अगर आपके घुटने काले हैं तो उस पर वाइटनिंग क्रीम लगाएं साथ ही प्यूमिक स्टोन की मदद से अपनी ऎडियों को भी साफ करें और उस पर क्रीम लगाएं
 Source: KhaasKhabar

इन झगड़ों से बढ़ेगा प्यार....

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पति-पत्नी के झगड़ों के कई किस्से हैं और कई मजाक भी। यूं तो झगड़ना बुरा है और पति-पत्नी के झगड़े से घर का माहौल खराब होता है। बच्चों पर गलत असर पड़ता है तो अलग। लेकिन कुछ झगड़े ऎसे भी हैं तो प्यार के साथ-साथ दोनों के बीच सामंजस्य और आपसी समझ बढ़ाते हैं। तो अगली बार अपनी पति से इन बातों पर जरूर करें झगड़ा।

सारा दिन फोन पर लगे रहते हो
अमूमन पत्नियों को शिकायत होती है कि सारा दिन इंतजार करने के बाद जब उनके पति घर आते हैं तो आते ही फोन पर लग जाते हैं। अगर आपको भी अपने पति से ऎसी है शिकायत है तो उनसे झगड़ा जरूर करें। आप उनके कह सकती हैं कि उन्हें आपकी और बच्चों की कोई परवाह नहीं है। हर चीज की एक इंतेहा होती है। अगर वह सारा ध्यान फोन पर ही देंगे तो पत्नी और बच्चों के लिए वक्त कब निकालेंगे।

हर काम मैं ही क्यों करूं ?
घर पर सारा दिन जुटे रहने के बाद भी एक जुमला जो अक्सर सुनने को मिलता है, तुम सारा दिन घर पर क्या करती हो। आपके पति आपके काम की अहमियत नहीं समझते। वर्किग वुमन हैं तो भी मदद से दूर भागते हैं। अब झगड़ा करना आपका हक है। आप कहें कि आप भी इंसान हैं, कोई सुपर वुमन नहीं। बगैर छुट्टी के हफ्ते के सातों दिन जुटी रहती हैं। फिर घर और बच्चे भी दोनों के साझे हैं। पति आपके काम को और आपकी मेहनत को समझेंगे तो प्यार और बढ़ेगा।

डॉक्टर को दिखाने नहीं जाते
ऑफिस से आने के बाद आपके पति के सिर में या पीठ दर्द रहता है, लेकिन वे डॉक्टर के नहीं जाते। आपने जिद की तो हो गए नाराज। अगर आप भी अपने पति की सेहत की परवाह करती हैं तो उनकी इस लापरवाही पर खूब झगड़ा कीजिए। उन्हें समझाएं कि उनकी अच्छी सेहत परिवार की सबसे बड़ी जरूरत है। वो चाहें लाख ना-नुकुर करें, महीने-दो महीने में उनका रूटीन चेकअप जरूर करवाएं ताकि वो स्वस्थ रहें।

तुम बहुत खर्चीले हो 
अक्सर बीवियां अपने पतियों की शाहखर्ची से परेशान रहती हैं। महीने की 15 तारीख आते-आते आधे से ज्यादा तनख्वाह खर्च। आप उनसे इस बात पर झगड़ा कर सकती हैं कि आखिर घर तो आपको ही चलाना पड़ता है। ऎसे में सारी तनख्वाह महीने से पहले ही खत्म कर देंगे तो घर कैसे चलेगा। बच्चों की तमाम जरूरतें हैं, जिनका पूरा होना जरूरी है। साथ ही कोई आपात स्थिति आ गई तो किसके सामने हाथ फैलाएंगे।

बच्चों के बारे में फैसले पर
देखा गया है कि बच्चों के बारे में कोई अहम फैसला लेने की बारी आती है तो वो पिता ही करता है। अगली बार आप ऎसा न होने दें। पहले आप अपनी राय पति के सामने रखें, यदि वो राय बच्चों के हित में है और पति मान नहीं रहे हैं तो आप अपने पति से बहस करें कि क्यों नहीं बच्चों के भविष्य को लेकर आप कोई फैसला ले सकती हैं? 

काम ही काम
पुरूषों की एक आदत होती है कि वो कई बार ऑफिस का काम भी घर लेकर आते हैं। ऎसे में आपका नाराज होना बनता है। आखिर 24 घंटों के दिन में कुछ घंटों पर आपका भी हक है। आप उनसे सख्त लहजे में कहें, कि बस बहुत हो गया ऑफिस का काम। ऑफिस का काम ऑफिस में रखा करें। घर पर उनका जितना भी समय है वो सिर्फ आपका है।

इतनी शिकायत बाप रे
पतियों की ये आदत होती है कि वो कई बात पर बीवियों के नुक्स निकालते हैं। बच्चे के परीक्षा में नंबर कम आए, तुमने ठीक से ध्यान नहीं दिया। क्या रोज-रोज एक जैसी सब्जी बना देती हो? कपड़े ठीक से इस्तरी नहीं हुए? ये सब शिकायतें अब और नहीं। आप उनसे कहें कि हर वक्त की शिकायत अवसाद पैदा करती है। इस झगड़े के बाद आपके पति आपकी मनोस्थिति को जरूर समझेंगे। Source: Patrika

इंटरनेट की लत जल्द घोषित होगी मानसिक बीमारी

Wednesday, 3 October 2012 0 comments


लंदन. इंटरनेट की लत को जल्द ही मानसिक बीमारी घोषित किया जा सकता है। एक ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट यूज डिसऑर्डर को जल्द ही डीएसएम-IV (मानसिक विकार की नैदानिक ​​और सांख्यिकी मैनुअल) में अगले साल मई में शामिल किया जा सकता है। 
 
 
उन लोगों को मानसिक बीमार माना जाएगा जो अपने स्मॉर्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटीर पर इंटरनेट से जुड़े रहने के आदी हैं और इंटरनेट के न होने पर परेशान और विचलित हो जाते हैं। 
 
स्विबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े माइक काइरोज ने ब्रिटिश अखबार से कहा कि इस बीमारी पर शोध किए जाने के बाद बच्चों के लिए जरूरी इलाज खोजा जा सकेगा और तकनीक के इस्तेमाल से उपजने वाली बीमारियों पर रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि बच्चे इंटरनेट पर गेम खेलने के आदि होते हैं लेकिन तकनीक का अधिक उपयोग भी मानसिक समस्याओं की जड़ बन सकता है। 
Source: Dainik Bhaskar

विश्वास करें प्यार की डोर को मजबूत

Saturday, 29 September 2012 0 comments


अक्सर हमने सुना है कि प्यार के चक्कर में पडकर अच्छा खासा आदमी बर्बाद हो गया लेकिन कभी-कभी चाहे-अनचाहे हमारे कानों में ऎसे भी किस्से सुनाई देते हैं, जिनमें प्यार एक नव प्रेरणा बनकर जीवन को एक नया रूप प्रदान करता है।
प्यार है तो इकरार भी कर लो
प्यार कभी भी किसी जबरदस्ती नहीं जाता। यह तो एक अहसास है, जो जीवन में किसी के आगमन के साथ स्वत: ही आता है। यह सच है कि सच्चा प्यार इस दुनिया में बहुत कम लोगों को मिल पाता है।

यदि आपको भी अपना सच्चा प्यार मिल गया है, जिसने आपके जीवन को खुशियों, उमंगों, उल्लास व नए सपनों से भर दिया है तो उस साथी को अपने से कभी जुदा मत होने दो तथा अपने जीवनसाथी को जिंदगी की हकीकत बनाकर अपने प्यार को सदा के लिए अपना लो। 
मुश्किल वक्त में दे साथ 
आदमी जब मुश्किलों से हारकर टूट जाता है, तब प्यार उसकी ऊर्जा बन उसे फिर से जीवित करता है। आपका सच्चा प्यार ऎसे वक्त में भी आपका साथ निभाता है, जब दुनिया आप पर नफरत व आलोचनाओं के तीर बरसाती है। अपने साथी का हौसला आपके कदम जब भी डगमगाएं तो वह फिर से खडा होने की हिम्मत व दुनिया का सामना करने की ताकत देता है।
समझदार हो साथी 
यदि आपका साथी समझदार है तो वो आपकी हर मुश्किलों को हल करके आपका जीवन सँवार देगा। समय-समय पर आने वाली दुविधा की स्थिति में आपका साथी ही आपको सही राह दिखा सकता है। समझदार साथी आपकी हर मुश्किलों को चुटकी में हल करने में सक्षम होता है और आपको प्रतिकूल परिस्थितियों से बाहर ले आएगा।
जितने लोग उतनी बातें 
ऎसा कहा जाता है कि हमेशा निंदक को अपने साथ ही रखना चाहिए, ऎसे लोग आपकी बुराई का चिटा आपके सामने खोलकर रख देते हैं परंतु आज जमाना पूरी तरह से बदल गया है। अब निंदक को बगैर बुलाए ही हर जगह उपलब्ध हो जाते हैं। नए जमाने के ये निंदक आपकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने में एक पल की भी देर नहीं करते हैं। यदि आप इन चापलूसों के चक्कर में आकर अपने सच्चे प्यार से जुदा होते हैं, तो आप बहुत ब़डी मूर्खता करते हैं। इस दुनिया की तो यह रीत ही है कि वो सच्चे प्रेमियों की राह में हमेशा बाधाएँ व मुश्किलें पैदा करती है। यह खूबी तो आपमें चाहिए कि आप मुस्कुराहट व आत्मविश्वास से कैसे उन लोगों के होंठ सिलते हैं।
Source: aapkisaheli

क्या है किन्नरों की लंबी उम्र का राज़?

Thursday, 27 September 2012 0 comments

किन्नर (फाइल फोटो)



दक्षिण कोरिया में किन्नरों के ऊपर किए गए एक शोध से पता चला है कि किन्नर सामान्य लोगों की तुलना में ज़्यादा दिनों तक जीवित रहते हैं.
शोधकर्ताओं ने कोरियाई प्रायद्वीप में सैंकड़ों सालों से रहने वाले किन्नरों के जीवन से जुड़े घरेलू दस्तावेज़ों का अध्ययन किया. अध्ययन से ये नतीजा निकला कि बधियाकरण के कारण किन्नर ज़्यादा दिनों तक ज़िंदा रहते हैं.


वैज्ञानिकों का मानना है कि पुरूषों का हार्मोन उनकी उम्र को कम कर देता है.शोध के अनुसार दूसरे लोगों की तुलना में किन्नर लगभग 20 साल ज़्यादा जीवित रहते हैं.

अहम भूमिका

"कोरिया में रहने वाले किन्नरों के बारे में शोध से पता चला कि उनमें महिलाओं जैसे कुछ लक्षण पाए जाते थे जैसे उन्हें मूंछें नहीं होतीं थीं, उनके नितम्ब और छाती बहुत बड़े होते थे और उनकी आवाज़ बहुत भारी होती थी"
डॉक्टर शीयोल कू ली

हर संस्कृति और सभ्यता में किन्नरों का एक अहम रोल होता है. वे कुछ विशेष काम करते हैं. जैसे हरम या जनानख़ाने की रखवाली करना किन्नरों की ख़ास ज़िम्मेदारी होती थी. हरम यानी वो जगह जहां शाही घराने की महिलाएं रहतीं थीं.
शोधकर्ताओं के अनुसार अगर बचपन की शुरुआत में ही बालकों के अंडकोष को काट दिया जाए तो उससे उनका विकास बाधित होता है और वे बालक कभी भी पूरी तरह से पुरुष नहीं बन पाते.
इस शोध से जुड़े एक वैज्ञानिक डॉक्टर शीयोल कू ली का कहना था, ''कोरिया में रहने वाले किन्नरों के बारे में शोध से पता चला कि उनमें महिलाओं जैसे कुछ लक्षण पाए जाते थे जैसे उन्हें मूंछें नहीं होतीं थीं, उनके नितम्ब और छाती बहुत बड़े होते थे और उनकी आवाज़ काफी भारी होती थी.''
वैज्ञानिकों ने चोसुन वंश के शासन के दौरान शाही दरबार में काम करने वाले किन्नरों के बारे में उपलब्ध दस्तावेज़ों का अध्ययन किया. अध्ययन में पता चला उस समय कुल 81 किन्नर शाही दरबार में काम करते थे.
उन किन्नरों का जन्म सन् 1556 से लेकर सन् 1861 के बीच हुआ था. उन किन्नरों की औसत आयु 70 वर्ष थी और उनमें से तीन तो 100 साल से भी ज़्यादा दिनों तक जिंदा रहे थे.
किन्नरों की तुलना में कुलीन घरानों के पुरुषों की औसत उम्र 50 से थोड़ी ज़्यादा थी जबकि शाही घरानों के पुरुषों की औसत उम्र तो केवल 45 वर्ष थी.
हालांकि उस समय की महिलाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है जिससे उनकी तुलना किन्नरों से की जा सके.

टेस्टोस्टरोन



लगभग सभी समाज में महिलाओं की उम्र पुरूषों के मुक़ाबले ज़्यादा होती है. लेकिन अभी तक इसका कोई स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका है.
किन्नर
एक राय यह है कि ऐसा पुरूषों में पाए जाने वाले हार्मोन टेस्टोस्टरोन के कारण होता है.
'करंट बायोलॉजी' नाम की पत्रिका में प्रकाशित शोध के शोधकर्त्ताओं के अनुसार ये पक्के तौर पर तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन ऐसे काफी प्रमाण मिले हैं जिनके आधार पर ये कहा जा सकता है कि पुरूषों के शरीर में पाया जाना वाला हार्मोन 'टेस्टास्टरोन' उनकी उम्र को कम कर देता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार हार्मोन में पाए जाने वाले रसायन से प्रतिरक्षा तंत्र और ह्रदय को नुक़सान पहुंचता है.
लेकिन बधियाकरण से 'टेस्टास्टरोन' की प्रक्रिया के बाद शरीर में ये हार्मोन पैदा ही नहीं होता जिससे ना सिर्फ उनके शरीर में होने वाला नुक़सान कम हो जाता है बल्कि किन्नरों की उम्र भी लंबी हो जाती है.
ब्रिटेन में 'बुढ़ापे' पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरिया में किया गया ये शोध बहुत रोचक है लेकिन किन्नरों की लंबी आयु की एक वजह उनके जीवन यापन का तरीक़ा भी हो सकता है.
लैन्कैस्टर विश्वविद्यालय के डॉक्टर डेविड क्लैन्सी का कहना है, ''शोध के नतीजे कुछ सुझाव ज़रूर देते हैं लेकिन निश्चित तौर पर ये नतीजे निर्णायक नहीं हैं.''
Source: BBC Hindi

आपकी सेक्स लाइफ पर भी असर डालते हैं दीवारों के रंग!

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क्या आप बेडरूम पेंट करवाने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो एक नए सर्वे के रिजल्ट्स पर गौर जरुर फरमाइए। इस सर्वे के मुताबिक बेडरूम के लिए पर्पल कलर सबसे बेहतर होता है। रिसर्च में पाया गया है कि, जिन कपल्स के बेडरूम का कलर पर्पल होता है, उनकी सेक्स लाइफ काफी बेहतर होती है।

लगभग 2 हजार कपल्स पर किए गए इस सर्वे में यह बात भी सामने आई कि सिल्क की चादरों पर सोने वालों की सेक्स लाइफ कॉटन की चादरों पर सोने वालों से ज्यादा अच्छी होती है। कहा गया है कि पर्पल दीवारें, सिल्क की चादर और पर्पल रजाई सबसे सेक्सी कॉम्बिनेशन है। इसका इस्तेमाल करके अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाया जा सकता है।

इसके अलावा बेडरूम के बेस्ट कलर्स इस ऑर्डर में आते हैं – पर्पल, रेड, स्काई ब्लू, पिंक, ब्लैक, नेवी ब्लू, येलो, ऑरेंज, ब्राउन, वाइट, बेड, ग्रीन और ग्रे।
Source: Dainik Bhaskar

सेक्स के लिए ही महिलाओं से दोस्ती करते हैं ज्यादातर पुरुष!

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मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि रिश्‍ते और सेक्‍स के मामलों में महिलाओं और पुरुषों की सोच अलग होती है। महिला जिससे प्‍यार करती है उसी से शारीरिक संबंध बनाती हैं, लेकिन पुरुषों की सोच इससे बिल्‍कुल अलग होती है। वे आकस्मिक सेक्‍स में विश्‍वास करते हैं।
 

हाल ही में हुए एक शोध के नतीजों ने मनोवैज्ञानिकों के इस विश्लेषण पर मुहर लगा दी है। उन्‍होंने लड़कियों को चेतावनी दी है कि अगर कोई पुरुष आपकी तरफ आ‍कर्षित होता है तो इसे प्‍यार समझने की भूल न करें क्‍योंकि शोध में यह बात सामने आई है कि ज्‍यादातर पुरुष सेक्‍स के लिए ही महिलाओं से दोस्‍ती करते हैं। वे रिश्‍तों के चक्‍कर में पड़ना नहीं चाहते हैं। वे एडवेंचर के लिए सेक्‍स करते हैं।

जबकि महिलाओं की सोच पुरुषों से बिल्‍कुल अलग होती है। वे किसी से दोस्‍ती करने के बाद उससे डेटिंग करना चाहती हैं। जब पुरुष साथी उनके पैमाने पर खरा उतरता है तब वह सेक्‍स के बारे में सोचती हैं । ज्‍यादातर पुरुष पहली मिलन में ही महिलाओं से संबंध बनाना चाहते हैं।

शोधकर्ता कैरोलिन ब्रेडशॉ ने कॉलेज के 71 लड़कियां और 71 लड़कों पर अध्ययन किया। शोध में 41 प्रतिशत लड़कियों ने स्‍वीकार किया कि सेक्‍स करने से पहले रिश्‍ता उनके लिए मायने रखता है। वहीं सिर्फ 20 प्रतिशत लड़कों ने डेटिंग को महत्‍व दिया। ज्‍यादातर लड़कों का कहना था कि वे आकस्किम सेक्‍स में विश्‍वास करते हैं। वे रिश्‍तों की चक्‍कर में नहीं पड़ना चाहते हैं।

इसका मतलब यह हुआ कि महिलाएं सेक्‍स से पहले रिश्‍ते बनाने में यकीन करती हैं, लेकिन पुरुष की फितरत इन मामलों में अलग है।
Source: Dainik Bhaskar

दूरियां खत्म करने के खास टिप्स

Monday, 24 September 2012 0 comments



अक्सर देखा गया है कि लांग डिस्टेंस रिलेशन ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाते हैं। स्थानों में दूरियों के साथ ही दिलों में भी दूरियां आ जाती हैं और जैसे-जैसे समय बीतता जाता है ये दूरियां बढती जाती हैं। ऎसा होने की खास वजह है कि लोग लांग डिस्टेंस रिलेशन में अपनी भावनाओं को जाहिर करने में विफ ल हो जाते हैं।

पास रहकर रिश्तों में अपनी भावनाओं को मेल-मुलाकातों, चुंबनों और आलिंगन के द्वारा जाहिर किया जा सकता है लेकिन जब बात लांग डिस्टेंस रिलेशन की हो तब क्या किया जाए। अगर आप भी लांग डिस्टेंस रिलेशन में हैं तो नीचे दिए गए कुछ आसान से टिप्स अपनाएं और रिलेशन को टूटने से बचाएं।
  • एक समय निर्धारित करें जिसमें रोजाना आप एक-दूसरे से बात करें। एक-दूसरे से कॉन्टेक्ट करने में लंबा अंतराल न रखें। उन्हें रोज रात को सोने से पहले कॉल, मैसेज करें। उनसे उनकी होल डे एक्टिविटी के बारे में पूछें और अपनी एक्टिविटी भी बताएं। वीडियो चैट करें, ई-मेल करें। जितना हो सके एक-दूसरे के कॉन्टेक्ट में रहें।
  •  अपने पार्टनर के सेल में रोमांटिक मैसेज ड्रॉप करें। कोशिश करें जब आपका पार्टनर सुबह सो कर उठे और अपना सेल देखे तब उसे आपका प्यार भरा संदेश मिले।
  •  जब भी आप वीडियो चैट करें तो इसे एक डेट के रूप में लें। अच्छे से तैयार हों उनके लिए फ्लॉवर्स लें। इससे आपके प्यार का एहसास आपके हमदम के दिल और दिमाग में हमेशा कायम रहेगा।
  • अपने हमदम के लिए टाइम निकालें और अचानक से उनके पास पहुंचकर उन्हें सरप्राइज करें।
  • ओकेजनली उन्हें कार्ड, गिफ्ट्स, चॉकलेट्स भेजना न भूलें।
  •  एक-दूसरे पर विश्वास बनाए रखें। बिना बजह शक न करें। क ई-कार्ड से अपनी भावनाओं को जीवंत रूप दें।
  •  अपने संवादों में "आई लव यू, आई मिस यू" वाक्यों का भरपूर प्रयोग करें। उन्हें अपने कमिटमेंट का भी एहसास कराएं।
  •  हैंडमेड ग्रीटिंग्स, लव लेटर, कविताओं को भी उन तक पहुचाएं। क हमेशा सकारात्मक सोच रखें। याद रखें कि ये महज कुछ समय की ही दूरी है, जीवन भर की नहीं
  • Source: aapkisaheli

महिलाएँ भी हैं बेवफाई में आगे

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आमतौर पर पुरूषों को ही लम्पट माना जाता है और बेवफाई शब्द उनसे ऎसे जोडा जाता है, जैसे उनके लिए ही बना हो। ऑनलाइन डेट के बढते चलन ने पुरूषों की छवि को और धूमिल किया है और अब तक महिलाओं को ऎसे प्रत्यारोपों से अलग ही रखा जाता रहा है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध से यह उजागर हुआ है कि महिलाएँ बेवफाई करने में पुरूषों से पीछे नहीं हैं।

शोध के नतीजे बताते हैं कि शादीशुदा महिलाएँ विवाहित पुरूषों की अपेक्षा डेटिंग साइट्स का ज्यादा प्रयोग करती हैं, जिसका सीधा सा अर्थ है पति या प्रेमी में से किसी एक के साथ धोखा। इस शोध में पाया गया कि ब्रिटेन में दस लाख से भी ज्यादा विवाहित हैं, जिन्होंने डेटिंग साइट्स को सब्स्क्राइब कर रखा था। लगभग चार लाख लोग हर सप्ताह इसे इस्तेमाल करते हैं। खास बात यह देखी गई कि यूजर्स में पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। चौंकाने वाला तथ्य है कि सर्वे के आंकडों में सिंगल्स की बजाए शादीशुदा और मध्यायु लोगों की संख्या ज्यादा थी। मैरिटलअफेयर.को.यूके इसी तरह की एक बहुत बडी साइट है, जिसके यूजर्स की संख्या साठ हजार के करीब है। विश्लेषण से यह भी साफ होता है कि अधिकतर सदस्य 35-54 आयु वर्ग के हैं, जिनके बच्चे भी हैं। पाया गया है कि अधिकतर लोग अपने घर से ही ऎसी साइट्स का इस्तेमाल करते हैं। महिलाएं इनका उपयोग साप्ताहिक करती हैं और वे एक साथ दो से तीन साइट्स का प्रयोग करती हैं।
अमरीका स्थित वेबसाइट एश्ले मेडीसन की चीफ एग्जिक्यूटिव नोएल बिडरमेन का कहना है, ऑनलाइन डेटिंग में पचास पार शादीशुदा ब्रितानी महिलाओं का बढता आंकडा मुझे चौंकाता है। ब्रिटेन में तो हमारी स्थापना का आधार ही विवाहित महिलाओं की बडी संख्या थी। कंपनी का कहना है कि वेलैंटाइन डे के बाद से एक दिन में ही वेबसाइट से जुडने वालों की संख्या दस हजार को भी पार कर गई है। इनमें ज्यादातर संख्या विवाहित महिलाओं की है।
Source: aapkisaheli

एक तरफा प्यार को कहें बाय बाय

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प्यार का बंधन एक ऎसा बंधन होता है, जिसमें दो लोग आपस में बंधकर हमेशा एक-दूसरे के लिए हो जाते हैं। लेकिन कभी-कभी ऎसा होता है कि प्रेमी-प्रेमिका एक-दूसरे गुस्से से इतने उकता आ जाते हैं कि उन्हें समझ ही नहीं प़डता कि आखिर ये ऎसा करते क्यों हैं। रोज के सामान्य रिश्ते में ये बातें आम है कभी किसी बात पर कोई बिग़ड जाए तो कभी किसी बात पर कोई बिग़ड जाए। ऎसी नाराजगी भी व्यक्ति एक हद तक ही बर्दाश्त कर पाता है।

कब तक चलेगी और कैसे मनाया जाए उसे। ऎसे व्यवहार से रिश्तों पर बहुत ही बुरा प्रभाव प़डता है। 
ऎसी स्थिति में सहन करने वाले व्यक्ति के लिए प्यार करना गुनाह करने के समान हो जाता है। न तो उससे नाता तो़डते बनता है और न ही पूर्ण रूप से उसे स्वीकार करते बनता है। इस द्वंद्व से व्यक्ति मानसिक रूप से खासा परेशान होता है और रिश्ते पर प्रतिकूल प्रभाव प़डता है। बेशक आप बहुत पी़डा में रहती हैं क्योंकि उसके बिना कोई व्यक्ति किसी को भूलने की बात नहीं करता है। दरअसल, जब कोई रिश्ता केवल किसी एक व्यक्ति की जरूरत पर आधारित हो तो उस रिश्ते के स्थायित्व पर प्रश्न चिह्न लग ही जाता है। 
दोनों के लिए खुशी, चिंता, दुख, ग्लानि की समान गुंजाइश नहीं रहती है। दूसरा व्यक्ति निर्विकार रूप से उस रिश्ते में रहता है। जब मूड हुआ, दया आई या उसे संग और संवाद की जरूरत महसूस हुई तो समय दे दिया वरना अन्य दिनचर्या में उस रिश्ते का स्थान नहीं। अनुभव यही बताते हैं कि केवल किसी एक के कंधे पर ऎसे रिश्ते का बोझ डालकर ज्यादा समय तक नहीं चला जा सकता है। एक अकेला व्यक्ति कहाँ तक संबंध की ग़ाडी खींच पाएगा।
वह न केवल बुरी तरह थक जाएगा बल्कि टूट भी जाएगा। ऎसे में यदि रिश्ता समाप्त हो जाए तो उसके पास अपना आगे जीवन संवारने के लिए ताकत नहीं बचेगी। ऎसे एकतरफा रिश्ते से जी क़डा करके निकल जाना चाहिए। यदि दोनों व्यक्ति की चाहत समान नहीं है तो आज न कल उस रिश्ते को टूटना ही है। उसके लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाएं यही बेहतर है।

जब पहुंचती हैं उम्र की इस दहलीज़ पर, तो सोचती हैं, 'सेक्सी हूं मैं'!

Friday, 21 September 2012 0 comments

एक नए शोध में पता चला है कि महिलाएं 28 साल की उम्र में अपने को सबसे ज्यादा ‘सेक्सी’ महसूस करती हैं। लेकिन, सबसे ज़्यादा आत्मविश्वास महसूस करने की बात करें तो उनके लिए वह उम्र 32 साल होती है। उन्हें आत्मविश्वासी बनाने में उनके दोस्त और परिवार के लोग अहम भूमिका निभाते हैं। महिलाओं के स्वाथ्य संबंधी उत्पाद बनाने वाली ब्रिटेन की एक कंपनी द्वारा यह शोध किया गया। डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर महिलाओं को अपनी 28 की उम्र का शरीर सबसे अच्छा लगता है।

तीन चौथाई महिलाओं ने कहा कि उनके बस में हो तो वह अपने इस ‘फिगर’ को सारी ज़िंदगी बरकरार रखना चाहेंगी। शोध में शामिल 23 फीसदी महिलाओं ने अपनी आंखों को सबसे आकर्षक माना। जबकि मस्तिष्क को 13 प्रतिशत महिलाओं की पसंद के साथ तीसरी जगह मिली। यह पूछने पर कि मौका मिले तो वह अपनी शरीर के किस अंग को खूबसूरत रूप देना चाहेंगी तो 41 प्रतिशत का जवाब था कि वे लंबे और पतले पैर चाहती हैं।

इस शोध में 2000 महिलाओं से सवाल किए गए । हर 5 में से 1 महिला ने कहा कि अपने आसपास पुरुषों की मौजूदगी में वे खुद को आत्मविश्वास से भरा महसूस करती हैं और खुद से भरोसा खोने की वजह जीवनसाथी द्वारा मिला धोखा होता है।
Source: Dainik Bhaskar

7 नुस्खे फोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के

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आजकल जैसे-जैसे सेलफोन शक्तिशाली होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी बैटरी लाइफ घटती जा रही है। चार-पांच साल पहले सप्ताह में दो या तीन बार मोबाइल फोन को चार्ज करना पड़ता था, लेकिन आज आपको दिन में एक से अध्कि बार फोन को चार्जर से जोडऩा पड़ता है।

आईफोन हो या ब्लैकबेरी, नोकिया का लूमिया हो या एचटीसी या सैमसंग का एंड्रॉयड, आपको ऐसे बहुत कम फोन मिलेंगे जो एक बार बैटरी चार्ज करने के बाद पूरा दिन गुजार दें। दरअसल, इसमें दोष बैटरी का नहीं है। बड़े और शक्तिशाली फोन के साथ बैटरी की खपत बढऩा स्वाभाविक है। क्योंकि, फोन पतले होते जा रहे हैं इसलिए बैटरी की मोटाई घटाना मजबूरी हो गया है। इस सब का परिणाम है सीमित बैटरी लाइफ और बार-बार फोन को चार्ज करने की जरूरत। वैसे कुछ सावधानी बरती जाए तो आप बैटरी की लाइफ बढ़ा सकते हैं।
Source: Dainik Bhaskar

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