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स्‍मार्ट फोन से फेसबुक पर अपलोड हुई हनीमून की तस्‍वीरें, शादी टूटने की आई नौबत

Sunday, 7 July 2013 0 comments



आगरा. मध्‍य प्रदेश की सरकार लिव-इन रिलेशनशिप को हरी झंडी देने की तैयारी में है तो फुटबॉल के स्‍टार खिलाड़ी रोनाल्‍डो अपने अफेयर को लेकर विवादों में हैं। लेकिन इस बीच स्‍मार्टफोन पर जरा सी लापरवाही से शादीशुदा जिंदगी में दरार की खबरें आईं हैं। स्‍मार्ट फोन का उपयोग करना आपको नहीं आता है तो बहुत बड़ी परेशानी हो सकती है। आगरा, मथुरा और एटा में ऐसे तीन लोगों की पत्नियों की अंतरंग फोटो गलती से फेसबुक पर अपलोड हो गई। इन्हें सामाजिक रूप से शर्मसार होना पड़ा। दो लोगों के वैवाहिक जीवन में खटास आ गई। पुलिस की साइबर टीम ने जब समझाया तब पत्नी घर लौटी।

आगरा में सदर का एक व्यापारी हनीमून पर विदेश गया था। वहां उसने मजाक में पत्नी की ऐसी फोटो खींची, जो बेडरूम तक ही सीमित रह सकती हैं। लौटकर आने के बाद वह फोटो डिलीट करना भूल गया। उसने स्मार्ट फोन से फेसबुक लॉगऑन किया। गलती से ऑटो सिंक का ऑप्शन दब गया और मोबाइल में मौजूद तमाम तस्वीरें फेसबुक पर सार्वजनिक हो गईं। तमाम लोगों के फोन आने लगे। दोनों बेहद शर्मसार हुए। पत्नी को लगा कि पति ने जानबूझकर बदमाशी की है। उसकी शादी जनवरी में ही हुई थी। पत्नी सदर थाना पति के खिलाफ मुकदमा लिखवाने को पहुंची। पुलिस की पूछताछ में व्यापारी हमेशा कहता रहा कि उसने फोटो फेसबुक पर नहीं डाले हैं। सीओ सदर रामसुरेश यादव ने मामले को साइबर क्राइम टीम को दे दिया।

मोबाइल की जांच हुई तो पाया गया कि मोबाइल में ऑटो सिंक ऑप्शन ऑन था। इसी वजह से तमाम अंतरंग तस्वीरें फेसबुक पर ऑनलाइन हो गई थी। साइबर क्राइम टीम ने सभी फोटो डिलीट करवाए। इसके बाद पुलिस ने पति और पत्नी के परिवारवालों की पंचायत करवाई। इसमें साइबर क्राइम टीम ने पत्नी और उसके परिवारवालों को समझाया कि स्मार्ट फोन ऑपरेट करने में जानकारी के अभाव की वजह से ऐसा हुआ था। काफी समझाने के बाद पत्नी ने शिकायत वापस ली और पति के पास रहने गई।

दूसरा मामला मथुरा का है। यहां भी एक अधिकारी ने फेसबुक पर ऑटो सिंक ऑप्शन ऑन कर दिया था। पत्नी मुकदमा दायर करने पहुंची। लेकिन साइबर क्राइम पुलिस के बीच बचाव पर दाम्पत्य जीवन संभल सका। एटा में आलू व्यापारी के खिलाफ पत्नी ने दो सप्ताह पहले मुकदमा दर्ज करवाया था। उसने आरोप लगाया कि पति ने बदनाम करने के लिए फेसबुक एकाउंट हैक कर आपत्तिजनक तस्वीरें डाल दी हैं। यहां भी मामला ऑटो सिंक का था। बाद में पता चला कि पत्नी ने ही दो महीने पहले पति के स्मार्ट फोन पर फेसबुक लॉग किया था। इसके बाद पति ने गलती से ऑटो सिंक ऑप्शन दबा दिया। यहां भी परिवार टूटने से बचा।

आईटी एक्सपर्ट उदय किशोर कहते हैं कि ऑटो सिंक ऑपशन की सेटिंग ध्यान से पढ़नी चाहिए। फेसबुक कनेक्ट करते ही एक नोट आता है- डू यू वांट फोटो गैलरी ऑटो सिंक। इस ऑप्शन के आने पर नो करना चाहिए। यदि भूलवश ऐसा हुआ तो तमाम तस्वीरें फेसबुक पर अपने आप अपलोड हो जाएंगी।
बरेली डीआईजी बन मेरठ की युवती से चैटिंग करना एक सिपाही को महंगा पड़ा। डीआईजी ने उसे तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मेरठ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के पांडवनगर निवासी एक युवती की फेसबुक पर डीआईजी बरेली विजय सिंह मीणा की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। इस युवती के अनुसार उसने रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लिया।

कई दिनों तक युवती और डीआईजी के फेसबुक से आपस में चैटिंग होती रही। कुछ दिन पहले युवती की फेसबुक पर दोस्त बने डीआईजी से उनके मोबाइल पर बात करने की इच्छा हुई। इस पर उसने मोबाइल नंबर लेकर उस पर फोन किया तो डीआईजी बरेली विजय सिंह मीणा ने युवती से चैटिंग से इंकार कर दिया। अलबत्ता, डीआईजी ने युवती से घटना की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। डीआईजी बरेली विजय सिंह मीणा ने रविवार को बताया कि जांच में पता चला कि कार्यालय में ही तैनात एक सिपाही अनंग लाल उनके फेसबुक एकाउंट से युवती के साथ चैटिंग कर रहा था। उन्होंने बताया कि उनके पदेन फेसबुक अकाउंट चलाने के लिए अनंग लाल की ड्यूटी लगाई गई थी। डीआईजी के अनुसार अनंगपाल उनके पदेन फेसबुक एकाउंट पर आने वाली शिकायतों को हमारे सामने रखता था, जिसका वे अपने स्तर से समाधान करते थे। डीआईजी के अनुसार अनंगपाल द्वारा उनके पदेन फेसबुक एकाउंट का दुरुपयोग किए जाने का खुलासा होने के बाद उसको तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर करने के साथ ही उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।

फेसबुक पर इश्‍क, शादी और अब तलाक !

Sunday, 28 April 2013 0 comments


इंदौर। फेसबुक पर एक लड़के से प्यार होने के बाद दिल्ली जाकर शादी करने वाली लड़की ने अब अपने माता-पिता के साथ रहने की बात कही है। लड़की की मर्जी को देखते हुए उसे माता-पिता के पास भेज दिया गया है। गौरतलब है कि लसूड़िया थाना क्षेत्र के एक रसूखदार परिवार की बेटी पूजा को छह महीने पहले फेसबुक पर पंजाब के गांव जैतो के एक लड़के शविंदरसिंह से प्यार हो गया था।
 
15 अप्रैल को शविंदर इंदौर आकर पूजा को अपने साथ दिल्ली ले गया था और यहां दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। वहां से दोनों जैतो चले गए थे। इसके बाद सूचना मिलने पर पूजा के पिता और भाई पुलिस को साथ लेकर वहां पहुंचे और एसडीएम के सर्च वारंट के आधार पर उसे इंदौर ले आए।
 
यहां एसडीएम रजनीश कसेरा की कोर्ट में पूजा के बयान लिए गए। पूजा ने खुद को बालिग बताते हुए अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। इस पर कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि पूजा को उसके माता-पिता के पास पहुंचाया जाए। 
 
लसूड़िया टीआई बसंत मिश्रा ने बताया कोर्ट के निर्देश पर लड़की के बयान और शपथ पत्र लेने के बाद उसे परिजनों के साथ भेज दिया है।

रिश्तेदार को सेक्स करने से रोकेगा एप

Friday, 19 April 2013 0 comments


 


लंदन। किसी हैंडसम जैंटलमैन से बार में मिलना और फिर उसे घर ले आना किसी भी घनी आबादी वाले देश में आम बात हो सकती है, लेकिन मात्र 320000 की आबादी वाले देश आइसलैंड में यह बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। इस कम आबादी वाले देश में ज्यादातर लोग एक दूसरे के रिश्तेदार हैं और हैरत की बात यह है कि अधिकतर लोग इस बात से अनजान रहते हैं। 

इस सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले इन तीनों डिजाइनर्स के लिए भी यह खतरा था कि कहीं वे अनजाने में किसी रिश्तेदार से शरीरिक संबंध न बना लें। इससे बचने के लिए डिजाइनर्स ने यह स्मार्टफोन एप तैयार किया है। यह एप इस तरह की नजदीकियों से लोगों को बचाता है और उन्हें एक दूसरे से रिश्ते की जानकारी देता है। 

अर्नर फ्रेयर ऑलस्टेंसन, हेकन प्रेस्तर जॉर्नसन और एलेक्जेंडर एनास हेलगेसन ने सैड इंजिनीयर स्टूडियो में इस एप को तैयार किया है। यह एप दो फोन के एक दूसरे से टकराने पर अलार्म बजाता है। तीनों डिजाइनर्स ने बताया कि इस एप का मकसद है "बम्प इन द एप बिफोर यू बम्प इन द बैड"


डिजाइनर्स ने बताया, "हमने इसमें रिश्तेदारों का जन्मदिन याद रखने के लिए बर्थडे कैलेंडर भी डाला है। यह एप बर्थडे एंट्री के दिन रिमाइंडर भी देता है। इसके अलावा इसमें बम्प नाम का फीचर है जिसके तहत यूजर्स एक दूसरे से अपना फोन टकरा कर यह जान सकते हैं कि उनमें रिश्ता क्या है। 


इन्सेस्ट प्रिवेंशन नाम का फन फीचर यूजर को टैक्स्ट मैसेज और अलार्म के साथ चेतावनी देगा कि वह जिसके करीब जा रहा है वह उसका रिश्तेदार है। गूगल के प्ले स्टोर पर इस एप के लिए एक रिव्यू में लिखा है, "अगर यह एप पहले आया होता तो मैं अनजाने में अपनी ही कजिन के करीब न आता।" 

इंडिया ही नहीं यूएस और चाइना मे भी हैं रफ़्तार 24 न्यूज़ न्यूज के पाठक

Thursday, 18 April 2013 0 comments


रफ़्तार 24 न्यूज़  । इंटरनेट डेस्क


बीते वर्ष शुरू हुआ हिन्दी न्यूज पोर्टल रफ़्तार24न्यूज़.कॉम   इंडिया के साथ-साथ यूएस, चाइना, रशिआ, सउदी अरब आदि देशों में भी जमकर पढ़ा जा रहा है। हालांकि बीते दो माह में कम समाचार प्रकाशित होने के कारण पाठकों की संख्या में कुछ कमी आयी, लेकिन रफतार 24 न्यूज की टीम एक बार फिर से जुट गयी है।

ताजा सर्वेक्षण के अनुसार रफ़्तार 24 न्यूज़ के पाठकों की संख्या

भारत: 4644
यूएसः 1769
चाइना: 387
रशिआ: 125
जर्मनी: 114
सउदी अरब: 74
अन्य: 186
अपने समाचार व लेख raftar24news@gmail.com  पर ईमेल करें, हमें प्रकाशित करने में बेहद खुशी होगी।

अब खुलेगी गुरुघंटाल बाबाओं की पोल!

Monday, 25 March 2013 0 comments



रफ़्तार  24 न्यूज। इंटरनेट डेस्क


जादू टोना, वशीकरण, काला जादू के नाम पर आए दिन लाखों रूपयों की ठगी का वारदातें सामने आती रहती हैं। भोले.भाले लोग इन गुरूघंटाल बाबाओं के झांसे में आ जाते हैं। काला जादू सम्भव है या नहीं इसे लेकर तो एक लंबी बहस जारी है। एक ओर साइंस में भी वशीकरण या हिप्नोटिशम मौजूद है। परन्तु गली.मुहल्लों में खुली बाबाओं की दुकानों पर बैठे महाशय कितने ज्ञानी है इसका तो आए दिन खुलासा होता ही रहता है। सबसे दुखद बात यह है कि ठगी के शिकार पीडि़त बदनामी के डर से शिकायत भी नहीं करते।
याद रखिए! आपकी शिकायत से भले ही आपका पैसा वापस न मिले। परन्तु आप जैसे  तमाम मासूम लोग इस गोरखधंधे से गुमराह होने से बच सकते हैं।
हम बनेंगे आपकी आवाज... अपनी शिकायतें हमें इमेल करें आपका नाम, पता आदि बिल्कुल गोपनीय रखा जाएगा। अगर आप चाहते हैं सबसे सामने आना अपनी असली पहचान के साथ तो भी हम आपके साथ हैं, बस ईमेल के अंत में लिख दें कि आपकी पहचान गोपनीय न रखी जाए।
हम हर शिकायत को निष्पक्ष प्रकाशित करेंगे, जिससे अन्य लोग फंसने से बस सकें। साथ ही अगर कोई झूठी शिकायत हम तक पहुंचती है तो आरोपी भी पूर्ण स्वतंत्र हैं, वे भी हमें ईमेल करें हम उन्हें भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित करेंगे। इस मुहिम में हमारी कोशिश सिर्फ और सिर्फ सच सामने लाने की होगी। आपसे वादा है किसी भी प्रकार से किसी बाबा आदि का विज्ञापन, खबर हम पैसे के लालच में कतई प्रकाशित नहीं करेंगे। सिर्फ और सिर्फ सच सामने लाना हमारा मकसद होगा।


हमारी ईमेल आईडी है- raftar24news@gmail.com  and editor@raftaar24news.com

फेसबुक पर कॉन्टेक्ट के लिए लगेगा चार्ज

Friday, 21 December 2012 0 comments


 

नई दिल्ली। अब सोशल नेटवर्किग वेबसाइट फेसबुक एक "छोटे प्रयोग" के नाम पर अपने सब्सक्राइबर्स से फीस वसूलने की तैयारी में है। अगर फेसबुक यह बदलाव करता है, तो आपको फेसबुक पर किसी अजनबी से कॉन्टेक्ट करने पर एक डॉलर की फीस चुकानी होगी। 

"प्रमोटेड स्टेटस मैसेज" की शुरूआत करने के कुछ ही महीनों बाद फेसबुक ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह पेड मैसेज के रूप में एक "छोटे प्रयोग" की शुरूआत करने जा रहा है। 

आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए मैसेज के अनुसार फेसबुक युजर्स को भेजे जाने वाले मैसेज को और प्रभावी बनाने के लिए वेबसाइट कई तरह के बदलाव करने जा रही है। होने वाले बदलाव में यह भी शामिल है कि एक ऎसी एक्सपेरिमेंटल सर्विस शुरू की जाएगी, जो फेसबुक यूजर्स को ऎसे व्यक्ति को भी प्रायोरिटी मैसेज भेजने की सुविधा देगी, जो उसकी फ्रैंड लिस्ट में शामिल नहीं है। हालांकि इसके लिए यूजर्स से 1 डॉलर का शुल्क लिया जाएगा। 

यह शुल्क अभी फाइनल नहीं है और भविष्य में फेसबुक इसे बदल सकता है। हालांकि यह सेवा शुरूआत में अमरीका के यूजर्स के लिए ही होगी और भेजे जाने वाले मैसेज की संख्या भी हफ्ते में सिर्फ एक तक सीमित की जाएगी। इससे पहले फेसबुक ने एक एक्सपेरिमेंटल सर्विस शुरू की थी, जिसमें स्टेटस मैसेज को प्रमोट करने की सुविधा है। फिलहाल यह सुविधा कई देशों के चुनिंदा यूजर्स के लिए है और इसके लिए एक मैसेज के 7 डॉलर के हिसाब से फीस ली जाती है। 
patrika

सोशल साइट्स पर फोटो अपलोड करने के खिलाफ फतवा

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बरेली। सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरुओं के एक संगठन ने वैवाहिक वेबसाइट तथा सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक इत्यादि पर फोटो अपलोड करने को नाजायज करार दिया है। इसने मुसलमानों को इससे परहेज करने की सलाह दी है। 
 
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित दरगाह आला हजरत के मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के फतवा विभाग ने यह फतवा जारी किया है। कानपुर के इजहार नामक व्यक्ति ने इससे सवाल पूछा था कि वैवाहिक वेबसाइट और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर फोटो डालना किस हद तक जायज है। इस पर मुफ्ती सैयद मोहम्मद कफील ने कहा कि इस्लाम में तस्वीर को नाजायज करार दिया गया है। ऐसे में इंटरनेट पर शादी के लिए या फिर फेसबुक पर फोटो अपलोड करना हराम होगा। 
 
उन्होंने कहा कि शादी के लिए फोटो लगाना बेहयाई है और मुसलमानों को इससे बचना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि बगैर तस्वीर वाला बायोडाटा इंटरनेट पर डाला जा सकता है। इसके अलावा पासपोर्ट, हज या फिर अन्य आवेदनों के लिए फोटो लगाई जा सकती है, बशर्ते ऐसा करना जरूरी हो। शाही जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि इस संबंध में मुफ्ती आजम हिंद का फतवा पहले से है जिसमें बिना जरूरत तस्वीर को हराम बताया गया है। कफील ने कहा कि इस्लाम में तस्वीर की मनाही का मूल उद्देश्य किसी साकार चीज की पूजा-परस्तिश को रोकना है। 

दामन की पहल को रफ़्तार 24 न्यूज़ का सलाम....

Thursday, 6 December 2012 0 comments


रफ़्तार 24 न्यूज़। इंटरनेट डेस्क


एक ओर नारी को अबला न समझने पर जोर दिया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर हमारे देश का कानून महिलाओं को हमेशा अबला की नजर से देखता है। बात चाहे जो भी हो विवाहिता अगर दहेज का मुकदमा कर दे तो पति का पूरा खानदान जेल पहुंच जाता है। जांच बाद में होती है, जेल ही हवा पहले खिलाई जाती है। 
अगर कोई मर्द किसी औरत को प्रताड़ित करे तो समाज आगे आएगा, तमाम संगठन आन्दोलन शुरू कर देंगे। सच्चाई बाद में सामने आएगी, आरोपी को दोषी पहले ही ठहराया जाएगा। समाज में उसे कू्ररता भरी नजरों से देखा जाएगा। 

क्या हर मर्द महिलाओं को प्रताड़ित ही करता है? हर महिला आज भी अबला है? 

ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब मांगने के लिए अग्रसर संस्था दामन तथा इसके संचालक मनुज गुप्ता हो रफ़्तार 24 न्यूज़ सलाम करता है। 

हमारा मकसद किसी संस्था या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, फिर भी अगर किसी की भावनाऐं आहत हों तो इसके लिए हम क्षमा चाहतें हैं। आप अपनी आपत्ति editor@raftaar24news.com पर ईमेल करें। प्रकाशित करने में हमें बहुत खुशी होगी।- एडिटर 

फेसबुक पर हुआ लव, सामने आया तो...

Tuesday, 20 November 2012 0 comments


किशनी (मैनपुरी)। सोशल साइट फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली, एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमे खाने लगे। प्रेमी से मिलने किशनी पहुंची युवती का फेसबुक प्यार से सामना हुआ तो वह चकरा गई। वह कोई उसका हम उम्र नहीं बल्कि  उसके दादा की उम्र का अधेड़ था। फर्जी पहचान से उससे चैटिंग करता था। युवती आखिरकार उस बुजुर्ग लव गुरू को कोसती हुई वापस दिल्ली लौट गई।

फेसबुक पर इस प्रेम कहानी की शुरूआत लगभग छह माह पूर्व हुई थी। युवती दिल्ली में  लाजपत नगर की रहने वाली है और दिल्ली में एक बैंक में लिपिक के पद पर नौकरी करती है। उसकी मैनपुरी के कसबा किशनी निवासी एक व्यक्ति से  फेसबुक पर दोस्ती हो गई। लगभग दो महीने तक चैटिंग होने के बाद एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर भी दे दिए। मोबाइल फोन पर दोनों साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे ।

पहले युवती ने उसे फोन कर दिल्ली बुलाया लेकिन फेसबुक लव ने युवती को ही किशनी में महाविद्यालय के पास आने को कहा। प्यार के खुमार में डूबी युवती रविवार को किशनी महाविद्यालय पहुंच गई। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब उसका अनदेखा प्रेमी नहीं आया, तो उसने कार से गुजर रहे एक संभ्रांत व्यक्ति से उसके बारे में जानकारी ली। युवती ने उसे पूरी बात बताई।

संभ्रांत व्यक्ति ने नंबर जैसे ही डायल किया वृद्ध ने नंबर उठा लिया। व्यक्ति ने किशनी चौराहे पर आवश्यक काम से मिलने को कहा। वह युवती अपने सपनों के राजकुमार को सरप्राइज देने के लिए संभ्रांत व्यक्ति की गाड़ी में ही बैठ गई।  फेसबुक के प्रेमी की सूरत युवती के  सामने आई तो वह भौंचक रह गई। जिसके साथ वह जिंदगी गुजारने का अरमान लेकर यहां तक चली आई थी, वह 62 वर्ष का वृद्ध  था। युवती वृद्ध को कोसती हुई घर लौट गई। उधर, वृद्ध का कहना है कि वह तो ऐसे ही युवती से गप्पें मारने लगा था। उसे क्या पता था कि युवती वास्तव में किशनी आ जाएगी।
Source-amarujala

क्या तानाशाही की शुरुआत है फेसबुक कमेंट पर गिरफ्तारियां?

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कभी असीम त्रिवेदी, सन ऑफ़ सरदार तो कभी सिगरेट, कभी स्टंट कभी इस्लाम का मजाक बनाया तो कभी हिंदुत्व का। सबके लिए सजा मिलेगी और सबका विरोध होगा। अब तो हद ये कि एक संतुलित तर्कपूर्ण फेसबुक कमेन्ट के लिए भी विरोध और सजा! यह लोकतंत्र है? मंत्रियों/ नेताओं  को एक दूसरे  पर घटिया और  हास्यास्पद टिप्पणियां करने से फुर्सत नहीं, अपराध, भ्रष्टाचार, मंहगाई को मात्र चुनावी मुद्दों की तरह देखा जाता है- ऐसे में अगर आम आदमी एक सोशल साईट पर उचित कमेन्ट करता है तो उसे पुलिस पकड़ ले जाती है-यह लोकतंत्र का मज़ाक ही नहीं बल्कि अब तो अक्सर ऐसा लगने लगा है कि यह तानाशाही की शुरुआत है।
 
बाला साहेब (ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे) हमेशा विवादास्पद बयान देते रहे, कभी कोई समुदाय कैंसर कहा गया तो कभी अमुक एक्टर गद्दार हो गया। तब तो किसी  ने बालासाहेब को गिरफ्तार नहीं किया? सभी लोग ‘सामना’ में लिखे गए उत्तेजक और कई बार मूर्खतापूर्ण विचारों को भी गंभीरता से पढ़ते रहे या पढने का नाटक करते रहे? क्यों? क्योंकि सभी को भय था कि  कुछ कहा तो शिव सैनिक दंगा मचा  देंगे, मारपीट कर देंगे? और सरकार, ज़ाहिर  है कुछ भी नहीं कर पायेगी, क्योंकि वह तो इन तथाकथित टाइगर से भी कमज़ोर है?
 
 
यह तो अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं होती, न ही लोकतंत्र ऐसा होता है ,न ही महान नेता ऐसे होते हैं कि  जिनके जीते जी लोग उनके डर से चुप रहे और उनके मरते ही दंगे के डर से लोगों को चुप रहने पर मजबूर कर दिया जाए। सरकार तो सरकार, तमाम तरह की समितियों, संगठनों और संस्थाओं ने चैन से सांस लेना भी दूभर कर दिया है। हर नयी फिल्म, नाटक या उपन्यास को लेकर लोगों/ समुदायों  की संवेदनाएं आहत होने लगी हैं। यानी अब आप की कल्पना शक्ति पर भी लगाम लगाने की कोशिश है, कि कहीं आप मज़ाक में भी वो न सोच लें जो अमुक समाज के लिए संवेदनशील मुद्दा हो सकता है!
 
 
एक विद्वान् ने कहा था कि अगर किसी समाज का सेन्स ऑफ़ ह्यूमर ख़त्म हो रहा हो तो यह उसके गंभीर पतन की शरुआत समझी जा सकती है। हमारे यहाँ तो सेन्स ऑफ़ ह्यूमर न सिर्फ ख़त्म हो रहा है बल्कि राजनेता इसे विकृत भी करते जा रहे हैं। शाहीन और उसकी सहेली को हिरासत में लेना यह भी दर्शाता है कि हमारे तर्क और बौद्धिकता की धार भी भोथरी पड़ती जा रही है। सच तो यह है कि बतौर राजनीतिक पार्टी शिवसेना का कभी कोई गंभीर एजेंडा या विचारधारा नहीं रही . वह हमेशा बाला साहेब के सनकी  विचारों का अंधाधुंध अनुकरण करती रही। यह हमारे समाज की, बतौर समाज हमारे भाग्य की विडम्बना है कि बालासाहेब के अतार्किक मगर कर्णप्रिय वचनों का मराठी मध्य वर्ग ने कभी विरोध नहीं किया। विरोध हुआ भी तो उसे मार पीट कर चुप करा दिया गया।
 
 
सच यह है कि  बालासाहेब के करीबी लोगों को छोड़ कर उनको प्रेम व उन पर श्रद्धा व्यक्त करने वाले लगभग सभी लोग उनके भय से ऐसा करते थे, उनके प्रति किसी स्नेह के कारण  नहीं। शाहीन ने सही लिखा है, इज्ज़त कमाई जाती है डर से नहीं करवाई जाती। डर  से तो सभी हिटलर की भी इज्ज़त करते थे। क्या हमारे समाज में अब इतनी ताकत भी नहीं रही कि वह सच को जस का तस स्वीकार कर ले या इतना बड़प्पन भी नहीं कि मनोरंजन के माध्यमों में मज़ाक की तरह पेश की गयी रचनात्मकता का आनंद उठा सके?
 
 
यह देश और यह संस्कृति तब से जीवित है और संवर्धित हुई है जब समय की भी शुरुआत हुई थी। इसका तथाकथित तौर पर ठेका लेने वालों को इसके बड़प्पन का तो कम से कम लिहाज़ करना चाहिए।हम एक लोकतंत्र हैं। यहाँ सभी को अपने विचार रखने की आज़ादी है। कृपया आम जनता के धैर्य की परीक्षा न लें। कम से कम सांस तो लेने दें। जिन्हें खुद अपनी संस्कृति -समाज की परंपरा का शऊर नहीं है वह तो यह न बताएं कि  सांस लेने का , पढने और लिखने का यहाँ तक कि  सोचने का कौन सा तरीका सही है कौन सा गलत।
Source-dainikbhaskar

'प्लेब्वॉय' सिर्फ न्यूडिटी नहीं: शर्लिन चोपडा

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शर्लिन चोपड़ा को चर्चा में रहना खूब आ गया है। तभी तो किसी ना किसी कारण से शर्लिन कुछ ऐसा कर जाती है कि वे चर्चा में आ जाती है। लेकिन इस बार शर्लिन का चर्चा में रहने का कारण कुछ और नहीं बल्कि प्लेब्वॉय मैग्जीन है। वहीं मैग्जीन जिसके लिए शर्लिन ने न्यूड फोटोशूट करवाया था।

जी हां, खबर है कि गोवा में पहली बार प्लेब्वॉय नामक एक क्लब खुलने जा रहा है जिसको लेकर शर्लिन बेहद एक्साइटेड हैं। जबकि काफी लोग इस क्लब का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में शर्लिन का कहना है कि 'प्लेब्वॉय' सिर्फ न्यूडिटी के लिए नहीं है, आमतौर पर लोग इसे अश्लीलता और न्यूडिटी के साथ जोड़ लेते हैं जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है।

शर्लिन कहती हैं कि इस क्लब का मतलब लाइफ स्टाइल है इससे भारतीयों को फैशन जगत के डिफरेंट स्टाइल्स को जानने का मौका मिलेगा।

गौरतलब है कि प्लेब्वॉय मैग्जीन के लिए करवाया गया शर्लिन के न्यूड फोटोशूट की झलक जनवरी 2013 के अंक में देखने को मिल सकती है।

बाल ठाकरे ने मुसलमानों को कहा था कैंसर, क्‍या इससे भी ज्‍यादा 'भड़काऊ' था शाहीन का कमेंट?

Monday, 19 November 2012 0 comments


नई दिल्ली। बाल ठाकरे की मौत के बाद 21 साल की एक लड़की ने फेसबुक पर कमेंट किया। इस कमेंट को ' लोगों की धार्मिक भावना भड़काने वाला' माना गया  और लड़की को अरेस्‍ट कर लिया गया। यही नहीं, उसके कमेंट को लाइक करने वाली एक लड़की को भी पुलिस ने धर लिया। दोनों को आईपीसी की धारा 295 (ए) (धार्मिक भावनाएं भड़काना) और आईटी एक्‍ट, 2000 की धारा 64 (ए) के तहत पकड़ा गया था। 
 
बाल ठाकरे खुद ताउम्र विवादित और भड़काऊ बयान देने के चलते विवादित रहे। 80 के दशक में उन्‍होंने कहा था, 'मुसलमान कैंसर की तरह फैल रहे हैं और उनका इलाज भी कैंसर की तरह ही होना चाहिए'। ऐसे में एक फेसबुक कमेंट करने और उसे लाइक करने को लेकर की गई गिरफ्तारी का हर ओर विरोध हो रहा है। अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्‍यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इसे गलत ठहराते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
 
 
21 वर्षीय शाहीन धांदा ने ठाकरे के निधन से महाराष्ट्र बंद पर फेसबुक पर कमेंट किया था। उसने लिखा था कि ठाकरे जैसे बहुत से लोग इस देश में पैदा होते हैं। उनका देहांत होता है। ऐसे लोगों के लिए बंद रखना कहां तक उचित है? टिप्पणी को उसकी सहेली रेणु ने लाइक किया था। इस टिप्पणी को एक अंग्रेजी दैनिक ने खबर बनाकर बनाकर प्रकाशित किया। इसके बाद शाहीन के पालघर स्थित रिश्तेदार के आर्थोपेडिक क्लीनिक पर 40 के करीब शिवसैनिकों ने हमला करके तोडफ़ोड़ की। इसके बाद एक स्थानीय शिवसैनिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर शाहीन और रेणु को रविवार की रात गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने लड़कियों को पहले न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। लेकिन कुछ घंटे बाद ही 15-15 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। मंगलवार को पुलिस ने क्लिनिक पर तोड़फोड़ के आरोप में नौ लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि ये शिवसैनिक हैं या नहीं। गृह मंत्रालय ने भी मामले की रिपोर्ट मांगी है।
 
आप बताएं कि क्‍या दोनों लड़कियों ने फेसबुक पर कमेंट कर और उसे लाइक कर वाकई गुनाह किया था? क्‍या पुलिस ने लड़कियों को पकड़ कर अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता (संविधान के अनुच्‍छेद 19 के तहत) के उनके मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया है? क्‍या यह कमेंट किसी की 'धार्मिक भावना भड़काने वाला' था? अगर ऐसे कमेंट पर लोगों की गिरफ्तारी होने लगेगी तो हम-आप में से कितने लोग जेल से बाहर रह सकेंगे? क्‍या आपके मन में ये सवाल नहीं उठते हैं? और, इनके जवाब भी तो आपके पास होंगे? तो यहां अपने सवाल और जवाब लिख कर पूरी दुनिया को बताइए और खुल कर बोलिए कि इस मामले में दोषी कौन है और उसे सजा कौन देगा?


एक लड़की  के पालघर स्थित रिश्तेदार के आर्थोपेडिक क्लीनिक पर हमला करने वाले 9 शिवसैनिकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इन शिवसैनिकों पर आरोप है कि उन्‍होंने क्‍लीनिक पर   हमला करके तोडफ़ोड़ की थी।
 
शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की अंत्येष्टि के दिन मुंबई की स्थिति को लेकर फेसबुक के माध्यम से सवाल करने वाली लड़कियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से जानकारी तलब की है। गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से यह जानना चाहा है कि आखिर वे कौन सी वजहें थीं, जिससे दो लड़कियों को गिरफ्तार करने की जरूरत पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस से यह सवाल भी किया है कि क्या ऐसे मामलों में गिरफ्तारी से बचा नहीं जा सकता था। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही सोशल मीडिया पर पहरा बिठाने के आरोप झेलती रही है।
 
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल सोशल मीडिया पर गैरजरूरी और सांप्रदायिकता फैलाने वाले विचारों पर रोक के लिए फेसबुक, ऑरकुट, यूट्यूब, ट्विटर के प्रतिनिधियों से कई दौर की बैठकें भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, सरकारी बाबू इन सोशल साइट्स का कैसे प्रयोग करें, इसको लेकर सरकार मानक तक बना रही है। 
 
हाल ही में दूरसंचार मंत्री ने कहा था कि सरकार का इरादा सरकारी स्तर पर सोशल साइट्स पर नियंत्रण करना नहीं है, लेकिन सरकार चाहती है कि सोशल साइट्स चलाने वाली कंपनियां, अभिव्यक्ति के पैरोकार स्वयं कोई ऐसी सीमा निर्धारित करें, जिससे सोशल साइट्स के माध्यम से कोई देश के सांप्रदायिक सौहाद्र्र और सार्वभौमिकता के लिए खतरा न उत्पन्न कर पाए। 
साइबर मामलों के जानकार पीयूष पांडे लिखते हैं कि क्या सोशल मीडिया के तमाम मंचों को अब हमें अलविदा कह पुरातन काल में लौट जाना चाहिए? या सोशल मीडिया के जरिए अभिव्यक्ति की आजादी के सवाल को अब बतौर आंदोलन खड़ा किए जाने का वक्त आ गया है? मुंबई में बाला साहेब ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद की फेसबुक पर आलोचनात्मक टिप्पणी की वजह से गिरफ्तार दो लड़कियों का मसला अब ऐसे ही गंभीर सवाल उठा रहा है। 
 
बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद को लाखों लोगों ने अपने-अपने नजरिए से देखा। किसी ने इसे उनका सम्मान बताया तो किसी ने शिवसैनिकों का भय। सोशल मीडिया पर बाला साहेब के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान से किए जाने पर सवाल भी हैं तो उनकी कद्दावर शख्सियत पर कसीदे भी। इन टिप्पणियों के बीच मुंबई की एक 21 वर्षीय लड़की ने लिख डाला, 'ठाकरे जैसे लोग रोज पैदा होते हैं और मरते हैं और इसके लिए बंद नहीं होना चाहिए।' पुलिस ने लाखों टिप्पणियों के बीच इस लड़की की टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली मानते हुए आईपीसी की धारा 505 और आईटी एक्ट की धारा 66 ए के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया। हद तो यह कि लड़की की पोस्ट को लाइक करने वाली दूसरी लड़की को भी इन्हीं धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। 
 
इस मामले में पुलिस की अति सक्रियता सवाल खड़े करती है। एक सवाल लाखों टिप्पणियों के बीच एक टिप्पणी करने वाली लड़की को निशाना बनाने का भी है। व्यवहार में कई मौकों पर फेसबुक पर 'लाइक' का मतलब पसंद करना नहीं बल्कि पोस्ट देखने की पुष्टि करना भी होता है। दरअसल, सवाल सिर्फ इस एक मामले का भी नहीं है। हाल में कई मौकों पर सोशल मीडिया पर लिखे-कहे के लिए पुलिस ने डंडा चलाया है। ममता बनर्जी के कार्टून ई-मेल करने के आरोप में बीते अप्रैल में पश्चिम बंगाल में एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया। सितंबर में कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को मुंबई में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 
 
बीते महीने पुडुचेरी के कारोबारी एस.रवि को वित्त मंत्री पी.चिदंबरम के बेटे कार्ति चितंबरम के खिलाफ अपमानजनक ट्वीट करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। सीआईडी ने ट्विटर खाते के जरिए रवि का पता लगाया और सूचना प्रौद्यौगिकी कानून की धारा 66ए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। 
 
उस वक्त भी यह सवाल उठा था कि रवि ने अपने ट्वीट में गाली-गलौज का इस्तेमाल नहीं किया था, अलबत्ता उन्होंने आरोप जरूर लगाया। रवि का तर्क है कि उन्होंने सिर्फ वही लिखा, जिसे उन्होंने अखबारों में पढ़ा। दिलचस्प है कि जिस वक्त रवि ने ट्वीट किए थे, उस वक्त ट्विटर पर उनके फॉलोवर्स की संख्या 25 से भी कम थी। निश्चित तौर पर रवि ने ट्वीट में जो लिखा, उसे वह साबित नहीं कर सकते। लेकिन, सूचना प्रौद्यौगिकी कानून में 'अपमानजनक' शब्द की परिभाषा बहुत स्पष्ट नहीं है, लिहाजा आने वाले दिनों में इस तरह के मामले और देखने को मिल सकते हैं। 
 
सूचना तकनीक कानून के जानकारों का मानना है कि धारा 66 ए में संशोधन की जरूरत है। साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के मुताबिक मुंबई बंद पर आलोचनात्मक टिप्पणी वाले मामले में भी पुलिस के सामने कई चुनौतियां हैं। उनके मुताबिक, 'किसी व्यक्ति ने अपनी वॉल पर कुछ लिखा, इसे किसी ने लाइक किया तो इसका सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडऩे से क्या संबंध। कम से कम इसे साबित करना आसान नहीं है।' मुंबई बंद टिप्पणी पर आखिरी अदालती आदेश कुछ भी हो, लेकिन एक बात साफ है कि भारत में अभिव्यक्ति की आजादी पर सरकारी अंकुश की बात को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता। कानून की आड़ में सरकार के पास अपना चाबुक है, जिसका इस्तेमाल कभी भी किया जा सकता है। 
 
गूगल की ताजा पारदर्शिता रिपोर्ट के मुताबिक भी भारत सरकार ने इस साल ही पहले छह महीनों में 2,319 मामलों में वेब यूजरों की गोपनीय जानकारिया मांगी हैं। भारत की तरफ से आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वेब सेंसरशिप की तरफ बढ़ते सरकारी कदमों के मद्देनजर ही अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने साल 2012 में पहली बार भारत को निगरानी वाले देशों की सूची में रखा है। यह कहते हुए कि भारत में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और सोशल नेटवर्किंग कंपनियों पर कंटेंट सेंसरशिप करने के लिए खासा दबाव है। 
 
निश्चित तौर पर सोशल मीडिया बनाम अभिव्यक्ति की आजादी का सवाल अब बड़े विमर्श की बात करता है। सूचना प्रौद्योगिकी कानून का दुरुपयोग रोकने और लोगों को इन कानूनों के बारे में जागरुक करने के बाबत नए सिरे से कोशिश शुरू होनी चाहिए। 
 
पीयूष के विचार जानने के बाद आपकी जो राय बनती हो, उसे नीचे कमेंट बॉक्‍स में पोस्‍ट कर उन तक और बाकी पाठकों तक पहुंचा सकते हैं...
Source: Bhaskar

बहन की आड़ में अश्लील हरकत

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मुबंई। मुंबई के एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट को अपनी प्रेमिका की फेक आईडी बनाकर फेसबुक पर उसके नाम से अश्लील फोटो पोस्ट करने के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक तरफा प्यार के इस मामले में आरोपी भूपेश ने अपनी बहन की आड़ में प्रेमिका की फर्जी आईडी बनाई और फेसबुक पर अश्लील फोटो अपलोड करता रहा। मामला तब सामने आया जब पीडित लड़की अश्लील हरकतों से परेशान हो कर पुलिस थाने पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार प्रेम के इजहार करने पर इनकार सुनने के बाद आरोपी युवक ने लड़की को बदनाम करने का कदम उठाया। इसके लिए उसने फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाया और अश्लील फोटोज अपलोड करने लगा। 

साइबर कैफे से पकड़ में आया

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर की मदद से पुलिस ने रायगढ़ जिले के नवी पोसरी कि उस साइबर कैफे पहुंची,जहां से उस आईडी को ऑपरेट किया जाता था। यहां काम करने वाली एक युवती के भाई पर शक के बाद पुलिस पूछताछ में मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भूपेश विलास मांडे का यहां अक्सर आना जाना लगा रहता है। बाद में तलेगांव निवासी भूपेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 293 (अश्लील सामग्री के संचलन) के तहत मामला दर्ज किया है। 
Source-patrika

फ़ेसबुक पर ठाकरे के खिलाफ़ कमेंट, 2 लड़कियां अरेस्ट

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मुंबई: फ़ेसबुक पर बाल ठाकरे के खिलाफ़ कमेंट करना एक लड़की को महंगा पड़ा। हुआ यूं कि इस लड़की ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की मृत्यु पर मुंबई बंद को लेकर फेसबुक पर सवाल उठाया था। वहीं दूसरी लड़की ने इस कमेंट को लाइक किया था। शिवसेना कार्यकर्ताओं के भारी विरोध की वजह से पुलिस ने इन दोनों लडकियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

आरोपी लड़की के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने व सूचना तकनीकी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। इस बारे में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 21 वर्षीय इस लड़की ने मुंबई बंद पर सवाल उठाते हुए अपने कमेंट में लिखा था कि ठाकरे जैसे लोग रोज पैदा होते और मरते हैं। इस वजह से मुंबई बंद करने की क्या औचित्य है? 

विरोध के बाद लड़की ने अपना कमेंट हटा कर माफी भी माग ली थी और पुलिस ने उनका फेसबुक अकाउंट भी बंद करवा दिया था, फिर भी रविवार रात करीब 2000 शिव सैनिकों के ठाणे के पालघर स्थित लड़की के चाचा के क्लिनिक में जमकर तोड़फोड़ की। 

शिव सैनिकों के भारी विरोध के चलते पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इन दोनों लड़कियों को गिरफ़्तार कर लिया।

फेसबुक पर अश्लीलता परोसने को शान समझते हैं युवा...

Sunday, 18 November 2012 0 comments


इन्टरनेट डेस्क। अकसर फेसबुक यूज करते वक्त अश्लील फोटो सामने आ जाते हैं। जिसके कारण अब लोग सबके सामने फेसबुक लाॅगइन करने से कतराने लगे हैं। इतना ही नहीं टैग सिस्टम का इस्तेमाल कर आपकी प्रोफाइल को भी बिना आपकी मर्जी के गंदा किया जा सकता है। इन बातों को युवा छिछोरापन नहीं अपनी शान समझने लगे हैं।
यह पहला फोटो है जाहिद राहुल नामक युवक की फेसबुक प्रोफाइल का। इसमें एक युवती का अश्लील फोटो डाला गया है। साथ ही कई अश्लील पेज भी जाॅइन हैं। कई लोग ऐसी प्रोफाइलों को फेक बताते हैं। लेकिन यहां तो अपने असली फोटो के साथ मोबाइल नम्बर भी बड़ी शान से दिया गया है।
दूसरा फोटो नेहा खान नामक लड़की की प्रोफाइल का है। ऐसी प्रोफाइलों पर फर्जी होने का शक जताना गलत नहीं होगा।


तीसरा फोटो टैग सिस्टम के दुरूपयोग का ताजा उदाहरण है। दो लड़कियों के किसिंग सीन वाले फोटो को एक लड़की के प्रोफाइल में टैग कर दिया गया। अब कम जानने वाले लोग तो उस लड़की पर ही उंगली उठाऐंगे। बहुत से लोग कुछ न बोलकर अपने मन में एक भद्दी इमेज बना लेंगे। 
लेकिन हर चीज का हल जरूर होता है। हम बता रहे हैं कैसे टैग किए फोटो को हटा कर प्रोफाइल को स्वच्छ बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं भविष्य में भी बिना आपकी मर्जी के कोई आपकी प्रोफाइल गंदी नहीं कर पाऐगा।
कभी भी इस तरह के फोटो दिखाई देने पर फोटो के उपर राइट साइड में जा कर हाइड फोटो पर क्लीक करें। आप चाहें तो उस फ्रेंड की सभी पोस्ट को हाइड भी कर सकते हैं।

फेसबुक देगा नया अकाउंट पर 50 रुपये का रीचार्ज

Saturday, 3 November 2012 0 comments


Rs 50 recharge free on new facebook account
दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक ने प्रचार का एक नया तरीका खेज निकाला है। अब फेसबुक ने भारतीयों को लुभाने के लिए एक खास तरह का ऑफर लांच किया  जिसके तहत फेसबुक ने चुनिंदा यूजर्स को 50 रुपये का मोबाइल टॉक टाइम देने की बात कही है। यह जानकारी फेसबुक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
भारत में फेसबुक के ग्रोथ मैनेजर केविन डिसूजा ने बताया कि यूजर और स्थान को ध्यान में रखते हुए फेसबुक ने मोबाइल रिचार्ज की सुविधा देने का फैसला किया है। उनका कहना है कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं यूजर्स को मिलेगा जो रेफरल के जरिए आएंगे। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको  रेफरल लिंक पर जाकर अकाउंट क्रिएट करना होगा।
केविन ने बताया कि हम नया प्रयोग कर रहे हैं, यह प्रयोग सबसे पहले भारत में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा मोबाइल पर नया फेसबुक अकाउंट क्रिएट करने पर ही उपलब्ध है। यूजर द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उसे 50 रुपये का टॉकटाइम पाने के लिए अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा। जब आप पहली बार मोबाइल पर फेसबुक अकाउंट लॉगइन करेंगे तो उसके तीन दिन के अंदर यूजर का टॉक टाइम अपडेट हो जाएगा।

सेक्स से ज्यादा है फेसबुक...

Wednesday, 31 October 2012 0 comments

सेक्स से ज्यादा चाह फेसबुक या टि्वटर जैसी साइट्स का इस्तेमाल करने की होती है। यह जर्मन में एक शोध से पता चला है, ये ये शोध मनोवैज्ञानिक मामलों के जर्नल "साइकोलॉजिकल साइंस" में छपा है। इस शोध में 205 स्त्री और पुरूषों पर सर्वेक्षण किया गया।

इनमें से ज्यादातर लोग कॉलेज जाने वाले छात्र और छात्राएं थीं। उल्लेखनीय है कि शोध में स्मार्टफोन का सहारा लिया गया और इन लोगों के रोजाना की ख्वाहिशों को परखा गया और   एक हफ्ते तक रोज सात बार इनका फोन बजता था। फोन पर उन्हें एक छोटे सर्वेक्षण में हिस्सा लेना होता था जिसमें पूछा जाता था कि उन्हें किन चीजों की चाह होती है और उसे पाने के लिए क्या करती है या उस चाह को कैसे रोक पाती है। उनके जवाब में इन्होंने बताया कि वैसे तो सेक्स की चाह बहुत तेज होती थी लेकिन वो उन पर काबू पाकर ईमेल, या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की ज्यादा चाहत रखते थे।  

शोधकर्ताओं का कहना है कि फेसबुक, टि्वटर या इमेल जैसे मीडिया के इस्तेमाल करने की चाह को रोक पाना ज्यादा कठिन होता है क्योंकि ये चीजें ज्यादा आसानी से उपलब्ध होती हैं। साथ ही ईमेल चेक करना या फेसबुक पर अपडेट करना सेक्स करने से ज्यादा आसान और सहज होता है इसलिए भी उनकी चाह ज्यादा प्रबल होती है।Source:khaskhabat

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कैम्पस में फेसबुक बैन, लगेगा जुर्माना!

Sunday, 28 October 2012 0 comments


लखनऊ. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फेसबुक कैंपस में बैन कर दिया है। यही नहीं अगर कोई छात्र-छात्रा यूनिवर्सिटी में फेसबुक खोलता हुआ पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जायेगा। यहां तक की मोबाइल फ़ोन पर भी फेसबुक खोलने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रोक लगा दी है।
 
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि बच्चों का मन पढाई से ज्यादा फेसबुक पर लगा रहता है। इससे पठन-पाठन का माहौल ख़राब हो रहा है। अक्सर ऐसी शिकायत आती रहती है कि छात्र क्लास में मोबाइल पर फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया है। वहीं, छात्र  प्रशासन के इस फैसले को ले कर बटे हुए हैं। छात्रों का एक धडा इसे गलत बता रहा है, तो दूसरा इसे जायज ठहरा रहा है। 
 
यूनिवर्सिटी  में पिछले माह फेसबुक पर एक धार्मिक भावनाओं को भड़काने सम्बन्धी पोस्ट के बाद अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संघ द्वारा इस तरह की साइट पर प्रतिबन्ध की मांग को लेकर आन्दोलन किये गए थे। इस वर्ग ने फैसले को सही ठहराया है। छात्र संघ प्रेसिडेंट शारिक अहमद का कहना है कि चंद दिनों पहले कुछ आपत्तिजनक चीजे फेसबुक पर देखी गई थी। हम लोगों ने एक कैंपेन भी चलाई थी। हमारी जीत हुई है। 
 
वहीं, एक वर्ग इस फैसले के खिलाफ है। इस बात का गुस्सा है कि अब वे अपने दोस्तों से कैसे सोशल नेटवर्क के जरिए जुड़े रह पाएंगे। अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने अपने यहां ऐसे सॉफ्टवेयर लगा दिए हैं जिससे फेसबुक कंप्युटर पर नहीं खुलेगा। 
 
यूनिवर्सिटी के पीआरओ रहत अबरार का कहना है कि जल्द ही सभी सॉफ्टवेयर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों की स्वतंत्रता पर किसी भी रूप मे प्रतिबन्ध लगाना नहीं है। कुछ दिन पहले छात्रों ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया था कि सोशल नेटवर्किंग साइट का धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा   है। इस लिए इसे बैन कर देना चाहिए।Source:bhaskar

एडल्ट फिल्म से शुरू करेंगी पूनम पांडेय फिल्‍मी पारी

Friday, 26 October 2012 0 comments


अपने हॉट वीडियो और तस्वीरों के लिए चर्चित रहने वाले पूनम पांडेय अपनी फिल्मी पारी एक एडल्ट फिल्म से शुरू करेंगी। विवादास्पद अभिनेत्री पूनम पाण्डेय अपनी पहली फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाली हैं और उनका कहना है कि इस फिल्म में कुछ वयस्क दृश्य है लेकिन इसे सेंसर बोर्ड से कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। 

पूनम ने कहा कि "हां, यह एक वयस्क फिल्म है, लेकिन इसकी पटकथा मजबूत है।  मुझे पता है लोगों को ऐसी फिल्में देखना पसंद है लेकिन मेरे लिए इसकी पटकथा मायने रखती है। फिल्म की कहानी बहुत अच्छी है। 

मेरा परिवार मेरी पहली फिल्म से काफी खुश है। पूनम अपने विवादास्पद बयानों की वजह से चर्चा में रही है। इस फिल्म का निर्देशन 'जिस्म' फिल्म के निर्देशक अमित सक्सेना करेंगे।

हजारो भूखे मर जाते हैं ...कोई नहीं देखता

Tuesday, 23 October 2012 0 comments



POSTED BY- MAHAK SHARMA ON FACEBOOK
Ye mene likha he .
mistake ho to Sorry.. Kese
Indian he hum. Yash chopra ki
Death har kisi ki
Facebook TimeLine me dikhti
he,

Par bhookh se hazaaro log
marte
he wo koi nahi dekhta. Actors
ko ek chhik kya aajaye
sansani khez ban jati he,
Log bimaariyo se marte he koi
nahi
dekhta, Actors ki lambi umer k
liye sab Dua
karte he,
Par garibo ko 2 Roti koi nahi
deta, Agar Actors apni city me
aajaye to
jhund nikal jaate he ek jhalak
paane,
Aur agar Garib paas aaye to
kehte
he " Maaf karo , mere paas
chhutte nahi he" Aaj is Actor
ka b'day kal uska
marriage , parso uski
anniversry
sabko yaad he.
Garib bache khilono ke
mohtaaj he
ye koi nahi dekhta. Pura din
Page 3 ki baate , saas
bahu serial me jata he.
Kabhi pata bhi nahi hota ke
padosh me kon rehta he,.
Wish you a very long Life ye
wo
najaane kya kya wish karte he
Actors ko jo ke dekhte bhi
nahi
hamaari wishes,
par pados me Buzurg bimaar
he ,
unke paas nahi jayenge haal
chaal puchhne. Kehte he
Shahrukh ka beta lucky
he. Sachin ka beta lucky he jo
esa
baap mila.
Saalo tumhe tumhare Papa pe
Garv nahi he? Jisne umar bhar
apni kamar tor di taake tum
pait bhar khaa sako , Shahrukh
khan raashan bhejta he
tumhare ghar ya Salman khan
tumhare Bills bharta he...
RESPECT to Yash Raj par SUNO
Indians sirf ye log insaan nahi
he .
Apne ghar se 2 kadam bahar
chalo . lakho log milenge
jinhe
tumhari zarurat he. Agar kisi
ko bura lag raha he to
comments me bataade

रफ़्तार 24 न्यूज़