सात घंटे तक उबलता रहा पाकबड़ा

Saturday, 26 January 2013 0 comments


मुरादाबाद । रफ़्तार 24 न्यूज़ 

मझोला के मंगूपुरा में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के रास्ते को लेकर पाकबड़ा इलाके में शुक्रवार को सात घंटे तक माहौल गरमाया रहा। आसपास के सोलह गांवों के लोग पाकबड़ा थाने का घेराव कर सड़क पर उतर गए। सैकड़ों की तादाद में लोगों ने लखनऊ-दिल्ली हाइवे पर तीन बार जाम लगाया। इस दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी मची रही। पुलिस और प्रशासनिक अफसर लोगों को समझाते रहे, मगर वे अपने बताए मार्ग पर जुलूस निकालने की अनुमति मिलने के बाद ही माने।
मझोला के मंगूपुरा में लोगों का कहना था कि वह इस दफा जुलूस अन्य इलाकों में भी ले जाएंगे, जिसका दूसरे पक्ष के लोग विरोध कर रहे थे। गुरुवार को इस बाबत डिप्टी कलेक्टर और सीओ तथा एसओ ने मौके पर जाकर लोगों को समझाने की कोशिश की थी। ग्राम प्रधान और दोनों पक्षों के बुजुर्गो, प्रतिष्ठित लोगों तथा जुलूस निकालने वाले लोगों को बुलाकर वार्ता की गई थी, मगर लोग नहीं माने।
शुक्रवार सुबह लगभग नौ बजे मंगूपुरा के लोग जुलूस निकालने ही वाले थे कि दूसरे गुट के लोग सामने आ गए। इसकी इत्तला मिलते ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने निर्धारित मार्ग से ही जुलूस निकालने को कहा, जिसको लेकर आसपास के 16 गांवों के जुलूस रोक दिए गए। इन गांव के सैकड़ों लोग पाकबड़ा पहुंच गए। लोगों ने थाने का घेराव कर जीरो प्वाइंट के पास लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे कुछ ही देर में वाहनों की कतार लग गई। इसकी सूचना मिलते ही एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव, एडीएम वित्त व राजस्व महेंद्र सिंह, एएसपी केशव चौधरी, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, सीओ कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। वार्ता के कई दौर चले। इस दौरान जाम खुला, मगर फिर लगा दिया गया। लगभग सात घंटे की मशक्कत के बाद जब एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर ने लिखित रूप से जुलूस निकालने की अनुमति दी तो लोग माने।

असुविधाओं के लिए खेद है-एडिटर

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बीते करीब डेढ़ माह से अपरिहार्य कारणों से रफ़्तार 24 न्यूज़  के असंतुलित चलने पर हमें खेद है। इस दौरान देश और दुनिया की तमाम अच्छी बुरी बातों को हम नहीं दिखा सके। इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं। आगे से प्रयास रहेगा कि हमें प्राप्त हो रहे समाचारों को समय से प्रकाशित किया जाए और सच को जिंदा रखने में एक अहम भूमिका निभाई जाए। आप सभी पाठक अगर कोई भी समाचार, फोटो हमें भेजना चाहें तो editor@raftaar24news.com  पर ईमेल कर सकते हैं। हमें प्रकाशित करने में बेहद खुशी होगी।
-एडिटर

फेसबुक पर कॉन्टेक्ट के लिए लगेगा चार्ज

Friday, 21 December 2012 0 comments


 

नई दिल्ली। अब सोशल नेटवर्किग वेबसाइट फेसबुक एक "छोटे प्रयोग" के नाम पर अपने सब्सक्राइबर्स से फीस वसूलने की तैयारी में है। अगर फेसबुक यह बदलाव करता है, तो आपको फेसबुक पर किसी अजनबी से कॉन्टेक्ट करने पर एक डॉलर की फीस चुकानी होगी। 

"प्रमोटेड स्टेटस मैसेज" की शुरूआत करने के कुछ ही महीनों बाद फेसबुक ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह पेड मैसेज के रूप में एक "छोटे प्रयोग" की शुरूआत करने जा रहा है। 

आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए मैसेज के अनुसार फेसबुक युजर्स को भेजे जाने वाले मैसेज को और प्रभावी बनाने के लिए वेबसाइट कई तरह के बदलाव करने जा रही है। होने वाले बदलाव में यह भी शामिल है कि एक ऎसी एक्सपेरिमेंटल सर्विस शुरू की जाएगी, जो फेसबुक यूजर्स को ऎसे व्यक्ति को भी प्रायोरिटी मैसेज भेजने की सुविधा देगी, जो उसकी फ्रैंड लिस्ट में शामिल नहीं है। हालांकि इसके लिए यूजर्स से 1 डॉलर का शुल्क लिया जाएगा। 

यह शुल्क अभी फाइनल नहीं है और भविष्य में फेसबुक इसे बदल सकता है। हालांकि यह सेवा शुरूआत में अमरीका के यूजर्स के लिए ही होगी और भेजे जाने वाले मैसेज की संख्या भी हफ्ते में सिर्फ एक तक सीमित की जाएगी। इससे पहले फेसबुक ने एक एक्सपेरिमेंटल सर्विस शुरू की थी, जिसमें स्टेटस मैसेज को प्रमोट करने की सुविधा है। फिलहाल यह सुविधा कई देशों के चुनिंदा यूजर्स के लिए है और इसके लिए एक मैसेज के 7 डॉलर के हिसाब से फीस ली जाती है। 
patrika

एयरटेल-वोडाफोन के विरूद्ध चार्जशीट

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नई दिल्ली। सीबीआई ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकाल के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं के संबंध में दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन तथा एक पूर्व दूरसंचार सचिव के विरूद्ध शुक्रवार को आरोप पत्र दाखिल किया। 

सीबीआई की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद जांच एजेंसी के वकील एके सिंह ने बताया कि कंपनियों के किसी अधिकारी का नाम आरोप पत्र में नहीं है लेकिन दूरसंचार विभाग के एक पूर्व सचिव का नाम है। यह मामला वर्ष 2002 में अतिरिक्त टूजी स्पेक्ट्रम के आवंटन से संबंधित है और उस समय श्यामल घोष दूरसंचार सचिव थे। 

सीबीआई का आरोप है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन का निर्णय इन कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया था। आरोपियाें पर आपराधिक षडयंत्र रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई के अनुसार इस आवंटन से सरकार को 846 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में टूजी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन में अनियमितताओं के कारण उच्चतम न्यायालय ने इस वर्ष फरवरी में 122 लाइसेंस रद्द कर दिए थे और इस मामले में पूर्व संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए. राजा तथा दूरसंचार विभाग के कुछ पूर्व अधिकारियों के विरूद्ध मुकदमा चल रहा है। उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को वर्ष 2001 से 2007 के दौरान टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच भी करने को कहा था।
patrika

सोशल साइट्स पर फोटो अपलोड करने के खिलाफ फतवा

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बरेली। सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरुओं के एक संगठन ने वैवाहिक वेबसाइट तथा सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक इत्यादि पर फोटो अपलोड करने को नाजायज करार दिया है। इसने मुसलमानों को इससे परहेज करने की सलाह दी है। 
 
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित दरगाह आला हजरत के मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के फतवा विभाग ने यह फतवा जारी किया है। कानपुर के इजहार नामक व्यक्ति ने इससे सवाल पूछा था कि वैवाहिक वेबसाइट और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर फोटो डालना किस हद तक जायज है। इस पर मुफ्ती सैयद मोहम्मद कफील ने कहा कि इस्लाम में तस्वीर को नाजायज करार दिया गया है। ऐसे में इंटरनेट पर शादी के लिए या फिर फेसबुक पर फोटो अपलोड करना हराम होगा। 
 
उन्होंने कहा कि शादी के लिए फोटो लगाना बेहयाई है और मुसलमानों को इससे बचना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि बगैर तस्वीर वाला बायोडाटा इंटरनेट पर डाला जा सकता है। इसके अलावा पासपोर्ट, हज या फिर अन्य आवेदनों के लिए फोटो लगाई जा सकती है, बशर्ते ऐसा करना जरूरी हो। शाही जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि इस संबंध में मुफ्ती आजम हिंद का फतवा पहले से है जिसमें बिना जरूरत तस्वीर को हराम बताया गया है। कफील ने कहा कि इस्लाम में तस्वीर की मनाही का मूल उद्देश्य किसी साकार चीज की पूजा-परस्तिश को रोकना है। 

कैदियों में भी गुस्‍सा: गैंगरेप के आरोपी को पिलाया पेशाब

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नई दिल्‍ली। दिल्‍ली गैंगरेप के आरोपियों से तिहाड़ जेल में बंद कैदी भी नफरत कर रहे हैं। यहां मुकेश की न सिर्फ पिटाई हुई बल्कि उसे मलमूत्र भी जबरन खिलाया गया। कैदियों ने जमकर उसकी पिटाई भी की। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे दूसरे बैरक में भेज दिया।
 
मुकेश की की पहचान आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) के दौरान पीडि़ता के दोस्त ने की थी।  परेड के दौरान पीडि़ता के दोस्त के सामने 11 लोगों को खड़ा किया गया था। इन सभी लोगों को देखने के बाद उसने मुकेश को पहचान लिया। टीआईपी के दौरान एक मजिस्ट्रेट, दक्षिण दिल्ली जिला पुलिस और तिहाड़ जेल के अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि वारदात के वक्त पीडि़ता का यह दोस्त बस में ही मौजूद था। आरोपियों ने इसकी भी बेरहमी से पिटाई करने के बाद दोनों को महिपालपुर फ्लाईओवर के पास फेंक दिया था। बुधवार को साकेत कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पवन गुप्ता और विनय शर्मा ने शिनाख्त परेड से इंकार कर दिया था, जबकि राम सिंह नामक चौथे आरोपी ने मंगलवार को अदालत के समक्ष शिनाख्त परेड से इंकार किया था।
 
माता-पिता भी आजिज आ चुके थे मुकेश और राम सिंह के चाल-चलन से 
 
मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी के अनुसार मुकेश और राम सिंह का चाल-चलन लंबे समय से आपत्तिजनक रहा है। दोनों अक्सर शराब के नशे में अपनी मां की पिटाई करने से भी बाज नहीं आते थे। दोनों बेटों के इस बर्ताव से दुखी होकर इनके माता-पिता दिल्ली छोड़कर वापस राजस्थान चले गए थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार हैवानियत भरे इस कृष्य को अंजाम देने वाले राम सिंह के चेहरे पर गिरफ्तार किए जाने के बाद से लेकर तिहाड़ जेल भेजे जाने तक किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। 
source: Bhaskar

बेख़ौफ़ ईंट भट्टा स्वामी...

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लखीमपुर खीरी । रफ़्तार 24 न्यूज़  

गोपाल गिरी। न्यायालय और सरकार द्वारा ईंट भट्ठों पर लगाईं गई पाबंदी भले ही पूरे प्रदेश में देखने को मिल रही है वही लखीमपुर जिले के  ईंट भट्ठे बेधड़क होकर चल रहे है / मितौली छेत्र  से मिली तस्वीर साफ़ बया कर रही है कि जिले में लगाईं गई पाबंदी का अनुपालन कितनी सख्ती से कराया जा रहा है /भट्ठों की चिमनियो से उठता धुँआ और धधकती आग ही क़ानून की अवमानना  का सुबूत नहीं है बल्कि धूप में सूखने के लिए रखी ताजी इंट इनके बुलद हौसलों का जीता जागता सुबूत है  / ईंट बनाने पर लगी रोक के बाद  ईंटो की कीमत में इजाफा हो जाने से भट्ठा व्यवसाई नियम क़ानून को ताक  पर रख कर मुनाफ़ा कमाने के लिए किसी  भी जोखिम के लिए मुस्तैद   है / जिलाप्रशाशन की तरफ से कठोर कार्यवाई  का आभाव व्यवसाय से जुडे लोगो के होसले बुलंद कर रहा है / जिले में कई दर्जन भट्ठे बेधड़क होकर धधक  रहे है /अडतीस सौ रुपय सैकडा में मिलने वाली ईंट  अब पाबंदी के बाद खुले तौर  पर पांच हजार रुपय में बेची जा रही है जबकी भट्ठा व्यवसाई लगातार ईंट बनाने के बाबजूद पाबंदी का खामियाजा जरुरतमंदो की जेबों से पूरा कर रहे है / जिला प्रशाशन की निगरानी में भट्ठों का बेलगाम दिखना कई सवाल खडे कर रहा है जिससे साफ़ तौर पर कहा जा सकता है की प्रशाशन कानून का उल्लंघन कर रहे भट्ठा व्यवसाइयो को तिरछी निगाह से नहीं देख पा रहा है /

रफ़्तार 24 न्यूज़