11 वां विशाल भगवती जागरण 22 को

Sunday, 21 April 2013 0 comments


Rahmdeen Khan


बराड़ा ।  ग्राम अधोया में दुर्गा जागरण कमेटी के द्वारा 22 अप्रैल को 11 वां विशाल मां भगवती जागरण का आयोजन किया जा रहा है। 

जागरण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कमेटी के सदस्यों ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी मां का 11 वां भगवती जागरण गांव अधोया में करवाया जा रहा है।
इस मां भगवती के जागरण में मामा भांजा एंंड पार्टी जगाधरी वाले माता जी की महिमा गायेगें। जागरण में प्रसिद्ध टी वी कलाकार लखविन्द्र बब्बू अपनी सुंदर माता की भेंटों को गा कर मां की महिमा का गुणगान सारी रात करेगें। जागरण में माता का भवन व झांकियां दर्शनीय होगीं।




अधोया में पांच दिवसीय योग शिविर 24 से शुरू



बराड़ा। उपमंडल के गांव अधोया स्थित जैन चैरिटेबल अस्पताल में पांच दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जायेगा। यह योग शिविर 24 अप्रैल से 28 अप्रैल तक चलेगा। 
शिविर के बारे में जानकारी देते हुए महाराजा अग्रसेन सभा अधोया के प्रधान बरजेश बंसल व महासचिव आशीष गर्ग ने बताया कि इस योग शिविर में प्राणायाम व ध्यान की विभिन्न प्रकार की योग विधियां सिखाई जायेंगीं। योग शिविर सुबह साढ़े 5 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक लगातार पांच दिन चलेगा। 
यह शिविर स्थानीय समाज सेवी ओम प्रकाश, आशीष गर्ग, बरजेश बंसल, मुकेश गर्ग, अश्वनी गर्ग, अशोक कुमार, रमेश कुमार, सुदेश कुमार आदि के सहयोग से लगवाया जा रहा है। 

शिविर  के बारे में जानकारी देते हुए सभा के प्रधान बरजेश बंसल ने बताया कि योग शिविर में स्थानीय लोग अपने शारीरिक व्याधियों से जहां मुक्ति पायेगें वही दूसरी ओर मानसिक तनाव से मुक्त होगें। उन्होंने बताया कि इस योग शिविर का उदघाटन राजकुमार सपड़ा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा के द्वारा किया जायेगा। 

क्या अब भी कहोगे पहनावे में है दोष

Saturday, 20 April 2013 0 comments



-गंदगी सोच में है कपड़ों में नहीं


रफ्तार  24 न्यूज़ एक्सक्लूसिव

दामिनी के गैंगरेप के बाद कई संगठनों व नेताओं ने युवतियों के पहनावे को गलत बताते हुए इस पर रोक लगाने की सलाह दे डाली थी। लेकिन अब सामने आई घटना में पांच वर्षीय बच्ची का न तो पहनावा गलत था, न वह देर रात बाहर घूम रही थी, न उसका अफेयर था। फिर वह मासूम बच्ची किस बात की सजा भुगत रही है। इस सवाल ने हर खासो आम को झंझौड़ कर रख दिया है।
गंदगी पहनावे में नहीं इंसान की सोच में है। पांच साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले के दिमाग की गंदगी उस मासूम के हालत देखने से ही पता चलती है।  अब सवाल यह उठता है कि इस सब के लिए जिम्मेदार कौन है? जवाब एक ही है....पुलिस प्रशासन की लापरवाही।
जबकि उधर छेड़छाड़ व युवतियों को देखने को लेकर बनाए गए नियम किसी काम के नहीं नजर आ रहे। इनका सदुपयोग से अधिक दुरूपयोग होता दिखाई दे रहा है। रेप व गैंगरेप पर सजा होना जायज है, लेकिन 14 सेकण्ड तक लड़की को देखने पर सजा, यह कहां का इंसाफ है जनाब। इस नियम से तो लड़कियां केवल लाचार ही नजर आती हैं। जबकि सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि तमाम लड़कियां इन नियमों का फायदा उठाकर जमकर सीधे-साधे युवकों की जिंदगी तबाह कर रही हैं।
पांच वर्षीय मासूम की हालत गंभीर बनी हुई है, उसके ईश्वर, अल्लाह से दुआ/प्रार्थना अवश्य करें।

हत्यारोपी परिवार का हुक्का पानी क्यों नहीं हुआ बंद

Friday, 19 April 2013 0 comments



-बिरादरी की पंचायत छोटी-छोटी बातों पर सुना देती है फरमान
-हत्या की रिपोर्ट दर्ज पर गिरफतारी नहीं, खुले घूम रहे सभी आरोपी
-पुलिस की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल


मुरादाबाद। अमित कुमार

छोटी-छोटी बातों पर बिरादरी की पंचायत हुक्का पानी बंद करने यानि पूरे परिवार का समाज से बहिष्कार करने जैसे फरमान जारी कर देती है। लेकिन ठाकुरद्वारा क्षेत्र में हत्या जैसे सघन्य जुर्म में आरोपित परिवार को लेकर सभी लोग बिल्कुल चुप्पी साधे हुए हैं। धीमी आवाज में सभी को कहते सुना जा रहा है कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन खुलकर कोई भी सामने आने को तैयार नहीं है। वहीं घटना में पांच लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कोई गिरफतारी नहीं हुई है। जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में आ गयी है। मृतका के मायके वाले लगातार आरोपियों को गिरफतार कर जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। उधर हत्यारों के बीच चार मासूम बच्चों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कई बार आपने देखा होगा कि मामूली सी बातों पर पंचायत बैठी और पूरे परिवार का सिरे से बहिष्कार कर दिया। मगर इधर को हालात कुछ ओर ही दिखाई दे रहे हैं। विवाहिता की हत्या के आरोपी परिवार को अब भी समाज में वही सम्मान मिल रहा है जबकि हत्या के अलावा परिवार का चरित्र भी संदेह के घेरे में है। लोग कानाफूसी करते दिख रहे हैं कि यह बहुत गलत है और दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। लेकिन खुलकर सामने आने को कोई तैयार नहीं है। शायद पैसे का ताकत रखने वालें लोगों का खौफ यही होता है।
यह घटना है जनपद के ठाकुरद्वारा शहर के मुहल्ला फतहउल्लागंज की। यहां शकील अहमद नामक युवक ने अगवानपुर निवासी युवती नाजरीन से अपने अवैध सम्बंध बरकरार रखने के लिए अपने परिवार के साथ मिलकर अपनी पत्नी को जहर देकर मौत की नींद सुला दिया था। पैसे के बल पर मामले को दबाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन मृतका के भाइयों ने एड़ी चोटी का जोर लगा कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
मामले में 19 अप्रैल को ठाकुरद्वारा पुलिस ने हत्यारोपी पति शकील, उसकी प्रेमिका नाजरीन, भाई हारून, बहन सलमा, बहनोई युसुफ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लेकिन अभी तक कोई भी गिरफतारी नहीं हुई है। जिससे पुलिस की भूमिका फिर से संदेह के घेरे में आ गयी है। यहां बता दें कि बीते सप्ताह भी पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार किया था। जब डीआईजी ने आदेश दिए तो मजबूरन पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।
उधर मृतका के चार मासूम बच्चे हत्यारोपी परिवार में ही पल रहे हैं। जिनका भविष्य और जीवन अंधकार में ही दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों ने भी स्वीवार किया था कि उनकी मां की हत्या उनके बाप ने की थी। फिर ऐसे परिवार के हाथों में ही बच्चों की परवरिश सौंपना कहां तक सही है। 
मामले को दबाने के प्रयास जारी हैं। लेकिन मीडियाकर्मियों ने मामले को जमकर उठाते हुए पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। वहीं हत्यारोपी हारून ने कई मीडियाकर्मियों को भी रिश्वत देकर मामले को दबाने का प्रयास किया है।

प्रेमिका सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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-अगवानपुर निवासी नाजरीन के साथ अवैध सम्बंध हैं शकील के
-प्रेमिका के कहने पर ही पत्नी को सुलाया मौत की नींद, परिवार ने भी दिया साथ

मुरादाबाद। विवाहिता को जहर देकर मौत की नहीं सुलाने के मामले में शुक्रवार को मृतका की प्रेमिका सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभी कोई गिरफतारी नहीं हुई है।
जनपद के ठाकुरद्वारा निवासी शकील पुत्र स्व. हाजी फारूक ने अपनी पत्नी महशर जहां को अगवानपुर निवासी प्रेमिका नाजरीन के कहने पर मौत की नींद सुला दिया था, जिसमें उसके परिवार ने भी उसका पूरा साथ दिया था। प्रेमिका शकील पर उसकी पत्नी के जिंदा रहने पर सम्बंध बनाने से इंकार करती थी। उसका कहना था कि पहले अपनी पत्नी को दुनिया से रूखसत करे फिर उसके पास आए। गत 11 अप्रैल को शकील ने अपनी प्रेमिका से सम्बंध न बन पाने से परेशान होकर अपनी पत्नी को जहर देकर मौत की नींद सुला दिया। जिसमें उसके परिवार ने उसका पूरा साथ दिया। मृतका के मायके वालों ने यह भी खुलासा किया कि शकील व उसका परिवार महशर जहां को लम्बे समय से धीमा जहर दे रहा था।
डीआईजी के आदेश पर ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस ने मृतका के पति शकील, शकील की अगवानपुर निवासी प्रेमिका नाजरीन, जेठ हारून, ननद सलमा, नन्दोई युसुफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। समाचार लिखे जाने तक कोई गिरफतारी नहीं हुई है। पुलिस के इस रवैये से पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।

सम्बधित समाचारः

हत्यारोपी के घर पहुंची पुलिस, गिरफतारी नहीं

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मुरादाबाद। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शात सात बजे कोतवाली पुलिस विवाहिता को जहर देने के आरोपी पति शकील के घर मौजूद है। लेकिन गिरफतारी नहीं की गयी है। सूचना मिलते ही मीडियाकर्मियों ने आरोपी के घर की ओर दौड़ लगा दी है। बताया जा रहा है कि पैसे के दबाव में पुलिस आरोपी को गिरफतार नहीं कर रही है। खैर खुदा के घर देर है अंधेर नहीं, मीडियाकर्मी मौके पर पहुंच कर पुलिस से गिरफतारी के लिए दबाव बनाऐंगे। वहीं कई संगठन भी गिरफतारी न होने पर प्रदर्शन तथा हड़ताल करने का मन बना रहे हैं।
कुछ ही मिनटों में हालात पूरी तरह सामने होंगे। आप अपनी प्रतिक्रया कमेंट के द्वारा अवश्य दें।

निर्भया के साथ हुई दरिंदगी से कम नहीं है यह हैवानियत

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नई दिल्ली ।पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर में रेप के साथ-साथ पाशविक बर्बरता का शिकार हुई 5 साल की बच्ची का मामला देख कर एक बार फिर निर्भया का मामला सबकी आंखों के सामने आ गया। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर बता रहे हैं कि उन्होंने ऐसी क्रूरता की घटना नहीं देखी थी।

गौरतलब है कि पांच महीने पहले 16 दिसंबर को दिल्ली में निर्भया के साथ गैंग रेप की भयावह घटना ने पूरे देश को उद्वेलित कर दिया था। उस घटना में रेप के साथ ही आरोपियों ने जिस तरह की निर्दयता दिखाई थी, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। उस घटना को 6 महीने भी नहीं हुए हैं और इसी दिल्ली में 5 साल की बच्ची के साथ हुई इस खौफनाक घटना ने एक बार फिर सबको सकते में डाल दिया है।

5 साल की यह मासूम लड़की 14 अप्रैल से गायब थी। उसे उसी बिल्डिंग में ग्राउंड प्लोर में रहने वाले एक युवक ने अपने कमरे में हाथ-पैर बांध कर कैद कर रखा था। उसने बार-बार बच्ची के साथ रेप किया। लगातार पीड़ा से बच्ची बेहोश हो गई थी।
डॉक्टरों के मुताबिक लड़की इस कदर तकलीफ और खौफ से गुजरी है कि वह ठीक से कुछ बता भी नहीं पा रही। उसके पेट के निचले हिस्से से प्लास्टिक की शीशी और मोमबत्ती निकली है। इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी क्रूरता का केस उनके सामने कभी नहीं आया।

उसकी हालत अब भी गंभीर है। डॉक्टर अगले 48 घंटों को उसकी जिन्दगी के लिए बेहद अहम बता रहे हैं।

पुलिस का रवैया भी वैसा ही अमानवीय
निर्भया वाले मामले में पुलिस के रवैये को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे। इस मामले में भी पुलिस का रवैया वैसा ही लापरवाही भरा और कई मामलों में तो उस घटना से बदतर रहा। न केवल पुलिस चार दिनों तक बच्ची को खोजने का कोई कारगर प्रयास नहीं कर सकी, बल्कि बाद में जब बच्ची मिल गई और उसके साथ हुई अमानवीय हरकत की सामने आ गई तब भी पुलिस ने कथित तौर पर बच्ची के पिता को 2000 रुपए की रिश्वत देते हुए उनसे कहा कि इस घटना का जिक्र मीडिया से न करें।

घटना को दबाने की इस आपराधिक कोशिश का आरोप भी जैसे कम न था। जब इस घटना के विरोध में आसपास के लोग और आम आदमी के कुछ कार्यकर्ता जुटे और विरोध करने हॉस्पिटल पहुंचे तो वहीं एसीपी स्तर के एक ऑफिसर ने एक युवती को थप्पड़ मार दिया।

हालांकि उस ऑफिसर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन इस घटना से इतना तो साफ है कि दिल्ली पुलिस ने निर्भया वाले मामले से भी कोई सबक नहीं सीखा है। न चुस्ती-फुर्ती के मामले में और न महिलाओं का सम्मान करने के मामले में। source:NBT

रिश्तेदार को सेक्स करने से रोकेगा एप

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लंदन। किसी हैंडसम जैंटलमैन से बार में मिलना और फिर उसे घर ले आना किसी भी घनी आबादी वाले देश में आम बात हो सकती है, लेकिन मात्र 320000 की आबादी वाले देश आइसलैंड में यह बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। इस कम आबादी वाले देश में ज्यादातर लोग एक दूसरे के रिश्तेदार हैं और हैरत की बात यह है कि अधिकतर लोग इस बात से अनजान रहते हैं। 

इस सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने वाले इन तीनों डिजाइनर्स के लिए भी यह खतरा था कि कहीं वे अनजाने में किसी रिश्तेदार से शरीरिक संबंध न बना लें। इससे बचने के लिए डिजाइनर्स ने यह स्मार्टफोन एप तैयार किया है। यह एप इस तरह की नजदीकियों से लोगों को बचाता है और उन्हें एक दूसरे से रिश्ते की जानकारी देता है। 

अर्नर फ्रेयर ऑलस्टेंसन, हेकन प्रेस्तर जॉर्नसन और एलेक्जेंडर एनास हेलगेसन ने सैड इंजिनीयर स्टूडियो में इस एप को तैयार किया है। यह एप दो फोन के एक दूसरे से टकराने पर अलार्म बजाता है। तीनों डिजाइनर्स ने बताया कि इस एप का मकसद है "बम्प इन द एप बिफोर यू बम्प इन द बैड"


डिजाइनर्स ने बताया, "हमने इसमें रिश्तेदारों का जन्मदिन याद रखने के लिए बर्थडे कैलेंडर भी डाला है। यह एप बर्थडे एंट्री के दिन रिमाइंडर भी देता है। इसके अलावा इसमें बम्प नाम का फीचर है जिसके तहत यूजर्स एक दूसरे से अपना फोन टकरा कर यह जान सकते हैं कि उनमें रिश्ता क्या है। 


इन्सेस्ट प्रिवेंशन नाम का फन फीचर यूजर को टैक्स्ट मैसेज और अलार्म के साथ चेतावनी देगा कि वह जिसके करीब जा रहा है वह उसका रिश्तेदार है। गूगल के प्ले स्टोर पर इस एप के लिए एक रिव्यू में लिखा है, "अगर यह एप पहले आया होता तो मैं अनजाने में अपनी ही कजिन के करीब न आता।" 

रफ़्तार 24 न्यूज़