
-ठाकुरद्वारा में हुई शर्मसार घटना
-कांठ में मृतका के भाई ने डीआईजी से लगाई रिपोर्ट की गुहार
-हत्या में शामिल था पूरा परिवार
मुरादाबाद। रफ़्तार 24 न्यूज़
बीते सप्ताह जनपद के ठाकुरद्वारा शहर में विवाहिता को जहर देकर मौत की नींद सुला दिया गया। हत्या में पूरा परिवार शामिल था। अपना बचाव करते हुए मृतका के परिजन गोल-मोल जवाब देते रहे। हत्या का कारण पति की प्रेमिका को बताया जा रहा है। गुरूवार को मृतका के भाई ने कांठ में डीआईजी से रिपोर्ट की गुहार लगायी है।
घटना 11 अप्रैल की है। कांठ निवासी महशर जहां का निकाह करीब 15 वर्ष पूर्व ठाकुरद्वारा के मुहल्ला अंसारियान निवासी शकील पुत्र स्व. हाजी फारूक के साथ हुआ था। शादी के बाद दंपती को 4 बच्चे भी पैदा हुए थे। इसके बावजूद शकील व उसका भाई हारून, बहन सलमा आदि महशर जहां को आए दिन प्रताडि़त करते थे। कई बार उसे घर से निकालने का प्रयास किया गया था। घर के भीतर भी पूरा परिवार अपना वहशीपन का परिचय देते हुए महशर जहां के साथ मारपीट करता था।
गुरूवार 11 अप्रैल को शकील अहमद, हारून, सलमा आदि ने मिलकर महशर जहां को जहर देकर मौत की नींद सुला दिया और सबके सामने मगरमच्छ के आंसू रोकर ढोंग करना शुरू कर दिया। इस दौरान मौत की सूचना मृतका के मायके वालों को लगी तो वे ठाकुरद्वारा पहुंच गए। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो शकील, हारून आदि के पांव तले जमीन खिसक गयी। उन्हें अपने गले पर फंदा साफ दिखाई देने लगा। वे लोग मृतका के मायके वालों से भिड़ गए तथा पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने लगे। परन्तु मायके वालों ने उनकी एक न सुनी और शव लेकर काशीपुर की ओर दौड़ लगा दी। जहां मृतका के भाइयों के सब्र का बांध टूट गया। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झड़प हो गयी। शकील ने वहां से भाग कर जान बचायी। परन्तु मृतका के भाइयों का गुस्सा आरोपी पक्ष के वाहनों पर उतरा। उन्होंने वाहनों को तोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
अगले दिन शुक्रवार 12 अप्रैल को मृतका का शव ठाकुरद्वारा पहुंचा। जहां उसके नमाज ए जनाजा में मृतका के पति शकील के पहुंच जाने पर मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया। जहां मुहल्ले वालों के हस्तक्षेप पर शकील अहमद बच कर नौ दो ग्यारह हो गया। जिसके बाद मृतका को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। पूरे शहर में मामला चर्चा का विषय बना रहा। शकील के भाईयों ने समझौता होने की झूठी अफवाह उड़ा दी। जिसे मृतका के भाइयों अबरार आदि ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सच सामने लाया जाएगा तथा आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। मृतका के भाई ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचे तो कोतवाल ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
गुरूवार 18 अप्रैल को मृतका के भाई अबरार अहमद ने कांठ में डीआईजी को मामले से अवगत कराते हुए। आरोपियों को गिरफतार करने की मांग की है।
अगवानपुर की युवती के प्यार में अंधा है शकीलः
कांठ। हत्या का कारण अगवानपुर निवासी एक युवती को बताया जा रहा है। जिसके इश्क में पागल होकर शकील ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। वहशीपनें की हदें तब पार हो गयीं जब उसके इस कृत्य में पूरे परिवार ने उसका साथ दिया।
बच्चों का भविष्य पड़ा खतरे मेंः
मुरादाबाद। जिस परिवार ने 15 वर्षों से परिवार की सेवा कर रही महशर जहां को नहीं बख्शा वे उसके बच्चों को किस तरह की जिंदगी दे पाऐंगे
यह सवाल मृतका के मायके वाले ही नहीं ठाकुरद्वारा शहर के हर बाशिंदे के मन में डोल रहा है। वहशीपने पर उतरे हाजी हारून के परिवार ने विवाहिता को बेरहमी के साथ मौत की नींद सुला दिया तब उन्हें उसके चार मासूम बच्चों की जरा भी फिक्र नहीं हुई। वे बच्चे अब भी उसी वहशी परिवार में पल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बच्चों ने भी यह बात स्वीकार की है कि उनकी मां को उनके बाप शकील, ताउ हारून आदि ने जहर देकर मौत की नींद सुलाया है। ऐसे में बच्चों को ऐसे परिवार के हाथों में छोड़ना कितना उचित है
पैसे के बल पर हारून कर रहा है मामले को दबाने की कोशिशः
अगर मृतका के मायके वाले आर्थिक रूप से कमजोर होते तो मामले को अब तक दफन किया जा चुका होता। बताया जा रहा है कि शकील का भाई हारून पैसे के बल पर मामले को पूरी तरह दबाने की कोशिश कर रहा है। कई लोगों ने तो यहां तक बताया कि इस हत्या का मुख्य आरोपी शकील नहीं उसका भाई हारून है। सच क्या है यह तो जल्द ही सामने होगा। पर सवाल यह खड़ा होता है कि ऐसे खूनी परिवार को समाज में रखना कितना हानिकारक है।